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मुक्त व्यापार समझौते की मार से MSME को बचाएं : आरतिया

जयपुर। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) ने सरकार से मांग की है। संगठन ने MSME क्षेत्र को राहत देने की अपील की है। आरतिया के अनुसार बढ़ते आयात का असर घरेलू उद्योगों पर पड़ रहा है। कई MSME इकाइयां मुश्किल दौर से गुजर रही हैं।

FTA से बढ़ते आयात पर चिंता

  • आरतिया ने मुक्त व्यापार समझौतों को लेकर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार व्यापार समझौते जरूरी हैं।
  • लेकिन घरेलू उद्योगों की सुरक्षा भी जरूरी है। आरतिया का कहना है कि आयात बढ़ने से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।
  • इसका सीधा असर छोटे उद्योगों पर पड़ा है।

व्यापार घाटे को लेकर आरतिया का दावा

  • आरतिया के विष्णु भूत और कमल कंदोई ने मुद्दा उठाया। आशीष सर्राफ और जसवंत मील भी इसमें शामिल हैं।
  • प्रेम बियाणी और कैलाश शर्मा ने भी सुझाव दिए। संगठन ने व्यापार घाटे पर चिंता जताई है।
  • आरतिया के अनुसार आयात बढ़ने से घाटा बढ़ रहा है। संगठन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताए हैं।
  • उसके अनुसार व्यापार घाटा 29 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।

आयात आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग

आरतिया ने सरकार से अहम सुझाव दिया है। संगठन चाहता है कि आयात के आंकड़े जारी हों। इनमें FTA के तहत आने वाली वस्तुएं शामिल हों। इससे वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी। सरकार को प्रभावित क्षेत्रों की पहचान भी होगी। इसके बाद नीतिगत फैसले लेना आसान होगा।

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Edited by- Krishika Agarwal

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