गाँवमंच डेस्क । 81 गांवों के किसानों की समस्याएं
- नोएडा। 81 गांवों के किसानों की समस्याएं पिछले 50 वर्षों से अनसुलझी बनी हुई हैं।
- इसी मुद्दे को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का एक प्रतिनिधिमंडल नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश से मिला।
- किसानों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग की।
पीढ़ियां बदल गईं, लेकिन समस्याएं कायम
- (भानु) के अध्यक्ष राजवीर मुखिया ने कहा कि किसानों की कई पीढ़ियां प्राधिकरण के चक्कर लगाते-लगाते गुजर गईं।
- इसके बावजूद, आज तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण CEO कृष्णा करुणेश से 81 गांवों के किसानों की समस्याओं को लेकर वार्ता करते किसान प्रतिनिधि।
किसानों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें
- प्रदेश महामंत्री प्रेम सिंह भाटी ने कहा कि प्राधिकरण ने कई स्थानों पर बिना सर्वेक्षण के आबादी क्षेत्रों का अधिग्रहण कर लिया।
- साथ ही, पीपी एक्ट के तहत किसानों पर चल रहे हजारों मुकदमों को वापस लेने की मांग भी की गई।
- किसानों ने मांग की कि आबादी को “जहां है, जैसी है” के आधार पर छोड़ा जाए।
- इसके अलावा सभी पात्र किसानों को 10% भूखंड, आवासीय और औद्योगिक योजनाओं में आरक्षण
- तथा अतिरिक्त 5% भूखंड आवंटित किए जाएं।
गांवों के विकास और रोजगार की मांग
- प्रतिनिधिमंडल ने गांवों में सीवर व्यवस्था, श्मशान घाट निर्माण और बुनियादी सुविधाओं को शहरों की तर्ज पर विकसित करने की मांग रखी।
- किसानों ने यह भी कहा कि नोएडा प्राधिकरण से जुड़े स्कूलों और निजी संस्थानों में स्थानीय युवाओं के लिए कम से कम 25% रोजगार आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
CEO ने दिया समाधान का आश्वासन
- बैठक के दौरान किसानों ने नियोजन विभाग से जुड़ी शिकायतें भी CEO के सामने रखीं।
- हालांकि, CEO कृष्णा करुणेश ने सभी पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया।
- किसान नेताओं ने बताया कि वार्ता सकारात्मक रही और उन्हें उम्मीद है कि 81 गांवों के किसानों की समस्याएं जल्द ही प्राथमिकता के आधार पर हल की जाएंगी।
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Edited by – Riddhima


