Gaonmanch

पेयजल सुरक्षा और जल प्रबंधन पर जोर, हर ग्रामीण परिवार तक पहुंचेगा नल से पानी

गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में पेयजल सुरक्षा और जल प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई और नियमित जलापूर्ति को प्राथमिकता मिलेगी।

1 लाख जल संचयन संरचनाओं की होगी स्थापना

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख जल संचयन संरचनाएं स्थापित की जाएंगी। इन संरचनाओं से वर्षा जल को संचित करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर जल उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास होगा। साथ ही, भूजल पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल सकती है। जल संरक्षण के ये प्रयास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जाएंगे।

5 लाख ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगेंगे

कृषि क्षेत्र में पानी के बेहतर उपयोग के लिए सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत 5 लाख ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियां स्थापित की जाएंगी। इन तकनीकों से खेतों तक नियंत्रित मात्रा में पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे सिंचाई में पानी की बर्बादी कम करने में मदद मिलेगी।

फार्म पॉन्ड और डिग्गियों की पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य

  • वर्ष 2030 तक फार्म पॉन्ड और डिग्गियों जैसे सिंचाई स्रोतों की पहुंच बढ़ाई जाएगी।
  • इसके लिए 10 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • ये जल स्रोत किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में सहायक होते हैं।
  • इससे वर्षा जल के संग्रहण और उपयोग को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
  • कृषि कार्यों के लिए जल उपलब्धता बेहतर बनाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

https://agriwelfare.gov.in

https://jaljeevanmission.gov.in

Edited by- Krishika Agarwal

Scroll to Top