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राजस्थान ग्राम विकास संकल्प पत्र: पशुपालन, डेयरी और पर्यावरण विकास पर जोर

गाँव मंच डेस्क, राजस्थान में पशुपालन, डेयरी और ग्रामीण पर्यावरण को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। ग्राम विकास संकल्प पत्र में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर है। इसके तहत सहकारी समितियों, कुक्कुट पालन और ऊंट संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, पशु चिकित्सा सुविधाओं और चारागाह विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।

20 हजार डेयरी सहकारी समितियों की होगी स्थापना

दूध उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने के लिए नई पहल प्रस्तावित है। इसके तहत 20,000 डेयरी सहकारी समितियां स्थापित की जाएंगी। इन समितियों को बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) से जोड़ा जाएगा। इससे दूध के संग्रहण और विपणन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कुक्कुट पालन और अंडा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

कुक्कुट पालन करने वाले इच्छुक लोगों को आर्थिक सहायता मिलेगी। योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का ऋण न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी। इनमें हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण इकाइयां शामिल होंगी।

मधुमक्खी पालन और शहद प्रसंस्करण पर जोर

राजस्थान ग्राम विकास संकल्प पत्र में डेयरी, पशुपालन और ऊंट संरक्षण योजनाएं
  • शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
  • मधुमक्खी और शहद प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने की योजना है।
  • यहां शहद संग्रहण, फिल्ट्रेशन, प्रसंस्करण और पाश्चुरीकरण की व्यवस्था होगी।
  • पैकेजिंग सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे शहद उत्पादकों को बाजार तक पहुंचने में सहायता मिल सकती है।

https://animalhusbandry.rajasthan.gov.in

https://www.nddb.org

Edited by- Riddhima

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