गांव मंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए देश का पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया है, जिसने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ ‘फ्रेमवर्क फॉर एक्शन – एडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा सचिव आरती डोगरा और ISA के महानिदेशक आशीष खन्ना ने इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बन रहा राजस्थान
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- के नेतृत्व में भारत आज जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।
- इंटरनेशनल सोलर अलायंस इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने सौर ऊर्जा को वैश्विक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है।
- उन्होंने कहा कि ISA के साथ यह साझेदारी राजस्थान को पारंपरिक ऊर्जा
- से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेज़ी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- इसके तहत सौर ऊर्जा के विस्तार, प्रसारण और वितरण की व्यापक योजना तैयार की जाएगी,
- जिससे बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बिजली मिलेगी।

22 गीगावॉट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता वाला अग्रणी राज्य
- मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में 22 गीगावॉट से अधिक स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता है,
- जो देश में सबसे अधिक है। राज्य की कुल स्वच्छ ऊर्जा क्षमता लगभग 44 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है।
- वहीं, राजस्थान इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी के तहत वर्ष 2030 तक
- 125 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
- उन्होंने बताया कि पीएम कुसुम योजना के माध्यम से 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है
- और इसके लिए 4 गीगावॉट से अधिक सौर क्षमता विकसित की जा चुकी है।
AI, स्मार्ट ग्रिड और डिजिटल तकनीक से बदलेगी बिजली व्यवस्था
फ्रेमवर्क फॉर एक्शन के तहत वर्ष 2030-35 की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के लिए व्यापक एनर्जी ट्रांजिशन प्लान तैयार किया जाएगा।
इस योजना में शामिल होंगे—
- नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार
- ग्रिड आधुनिकीकरण
- ऊर्जा भंडारण प्रणाली
- स्मार्ट ग्रिड
- डिमांड साइड मैनेजमेंट
- ऊर्जा दक्षता
- डिजिटलाइजेशन एवं AI आधारित समाधान
- निवेश योग्य परियोजनाओं की पहचान
- संस्थागत क्षमता निर्माण
इसके तहत अजमेर विद्युत वितरण निगम में डिजिटल ट्विन तकनीक आधारित पायलट परियोजना शुरू की जाएगी। इससे बिजली की मांग का सटीक आकलन, बेहतर नेटवर्क योजना और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी समावेशन में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को मिलेगी अधिक विश्वसनीय बिजली
- ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऊर्जा
- क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
- ISA के साथ इस साझेदारी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ेगा, जिससे विद्युत सेवाओं में व्यापक सुधार आएगा।
- ISA के महानिदेशक आशीष खन्ना ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है
- जिसके साथ संगठन ने इस प्रकार का फ्रेमवर्क फॉर एक्शन हस्ताक्षरित किया है।
- उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा
- कि राजस्थान वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसके क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव को योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा।
इसके अलावा उन्होंने पीएम कुसुम योजना, आरडीएसएस, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। साथ ही बारिश के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम और घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योगों तथा किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें
Edited by – Riddhima


