गावंमंच डेस्क- जयपुर। राजस्थान में इसबगोल GST विवाद अब किसानों के लिए चिंता बन गया है। राजस्थान देश का बड़ा इसबगोल उत्पादक राज्य है। राज्य में हजारों किसान इस फसल पर निर्भर हैं। फिलहाल GST की अलग-अलग व्याख्याओं ने कारोबार रोक दिया है।
गुजरात और राजस्थान के फैसले अलग
- मामला इसबगोल बीज पर GST दर से जुड़ा है। गुजरात AAR ने प्राकृतिक इसबगोल को NIL GST माना।
- यह आदेश 29 मई 2026 को आया था। दूसरी ओर, राजस्थान AAR ने अलग राय दी।
- 27 जुलाई 2026 के आदेश में बीज को सूखा माना गया। इसके चलते 5 प्रतिशत GST लागू माना गया।
‘ड्राइड’ की परिभाषा पर सवाल
- राजस्थान इसबगोल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने जयपुर में प्रेस वार्ता की।
- उसके अनुसार बीज प्राकृतिक रूप से नमी ग्रहण करता है। मंडी में रखा बीज जरूरी नहीं कि प्रोसेस्ड हो।
- एसोसिएशन का कहना है कि वास्तविक ड्राइंग अलग प्रक्रिया है। इसमें मशीनों से नमी कम की जाती है।
- इससे उत्पाद में मूल्यवर्धन होता है। इसलिए प्राकृतिक अवस्था वाले बीज को सूखा मानना उचित नहीं है।
45 हजार किसान परिवारों पर असर

इस विवाद का असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है। राजस्थान में करीब 45 हजार किसान परिवार जुड़े हैं। मंडियों में इसबगोल की बोलियां प्रभावित हो रही हैं। इससे किसानों को उचित कीमत मिलने में परेशानी है।
Edited by- Deepanshu Kaseera, Journalist


