गाँव मंच डेस्क, राजस्थान की आधुनिक कृषि नई पहचान बना रही है।आज किसान तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं।वे परंपरा और नवाचार का संतुलन बना रहे हैं।नई सोच से खेती लाभदायक बन रही है।इस बदलाव ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत की है।युवा भी खेती की ओर लौट रहे हैं।राजस्थान की आधुनिक कृषि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है।
खेमाराम चौधरी ने रचा सफलता का नया इतिहास
- जयपुर जिले के गुरहा कुमावतान गांव के किसान खेमाराम चौधरी मिसाल बने हैं।
- उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाया।वे पॉलीहाउस में सब्जियों की खेती करते हैं। ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है।
- फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है।इस मॉडल से उत्पादन लगातार बढ़ा है।आज उनकी वार्षिक आय लगभग दो करोड़ रुपये है।
- उनकी सफलता दूसरे किसानों को प्रेरित कर रही है।वे आधुनिक खेती का जीवंत उदाहरण हैं

लेखराम यादव ने बनाया बड़ा कृषि और डेयरी मॉडल
- लेखराम यादव ने खेती को व्यवसाय बनाया। उन्होंने जैविक खेती को प्राथमिकता दी।
- साथ ही डेयरी क्षेत्र में भी विस्तार किया।आज उनका कारोबार 17 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
- उनका कृषि मॉडल 550 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है।यह क्षेत्र जयपुर, नागौर और जैसलमेर तक विस्तृत है।
- उन्होंने आधुनिक प्रबंधन को भी अपनाया।इससे उत्पादन और आय दोनों बढ़े हैं।
तकनीक से बढ़ रही किसानों की आय
- पॉलीहाउस खेती मौसम की चुनौतियां कम करती है।ड्रिप सिंचाई जल संरक्षण सुनिश्चित करती है।
- जैविक खेती बाजार में बेहतर मूल्य दिलाती है।डेयरी अतिरिक्त आय का मजबूत स्रोत बनती है।
- इन तकनीकों से जोखिम भी घटता है।किसानों का आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है।
राजस्थान की आधुनिक कृषि बन रही प्रेरणा
- राजस्थान की आधुनिक कृषि नई दिशा दिखा रही है। यह बदलाव मेहनत और नवाचार का परिणाम है।
- सफल किसान दूसरों के लिए उदाहरण बन रहे हैं। कहानियां ग्रामीण युवाओं को प्रेरित करती हैं।
- तकनीक अपनाकर खेती लाभकारी बन सकती है।यही भविष्य की टिकाऊ कृषि का आधार है।
https://midh.gov.in
https://agriwelfare.gov.in/
Edited by- Krishika Agarwal


