- गांव मंच डेस्क, राजस्थान में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को नई ताकत देने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्योग, हस्तशिल्प।
- स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए कई नई घोषणाएं कीं।
राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
- जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में अब 33 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं।
- इसी वजह से राज्य देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई केंद्र बन चुका है।
- उन्होंने कहा कि उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा देना डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है।
हस्तशिल्प, स्टार्टअप और इलेक्ट्रॉनिक्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
- मुख्यमंत्री ने कई नई योजनाओं का भी ऐलान किया।
- पहले चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर में पीपीपी मॉडल पर हस्तशिल्प हाट।
- विकसित किए जाएंगे। इससे बुनकरों, कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को सीधे बाजार मिलेगा।
नई नीतियां बढ़ाएंगी निवेश और कारोबार
- कार्यक्रम के दौरान राजस्थान औद्योगिक विकास नीति, ओडीओपी कॉफी टेबल बुक और रैम्प पोर्टल भी लॉन्च किए गए।
- रैम्प पोर्टल का उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को डिजिटल सेवाएं, बेहतर सहायता और तेज समाधान देना है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से निवेश, निर्यात और रोजगार तीनों क्षेत्रों में सकारात्मक असर दिखाई देगा।

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Edited by- Ankit Tiwari


