गाँवमंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान में औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए रीको ने हरित क्षेत्रों के रखरखाव को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय कॉलोनियों में स्थित पार्क, गार्डन, रोटरी, सर्किल, मीडियन, डिवाइडर और रोडसाइड प्लांटेशन जैसी हरित संपत्तियों की जिम्मेदारी एजेंसियों को प्रारंभिक रूप से 3 वर्ष के बजाय 7 वर्ष के लिए सौंपी जाएगी। रीको का मानना है कि लंबी अवधि की जिम्मेदारी से पौधों और हरित क्षेत्रों का बेहतर विकास एवं संरक्षण संभव होगा।
पौधों के बेहतर विकास के लिए बढ़ाई गई अवधि
- रीको के अनुसार, वर्तमान में 23 मार्च 2018 के दिशा-निर्देशों के तहत पार्क
- और अन्य हरित क्षेत्रों को प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के लिए संबंधित एजेंसी को सौंपने का प्रावधान था।
- पौधरोपण और हरित क्षेत्रों के विकास की समीक्षा के दौरान सामने आया कि
- पौधों के पूर्ण विकास और दीर्घकालीन संरक्षण के लिए तीन वर्ष की अवधि पर्याप्त नहीं है। रीको हरित क्षेत्र रखरखाव
- इसी को ध्यान में रखते हुए अब जिम्मेदारी की प्रारंभिक अवधि सात वर्ष कर दी गई है।

14 वर्ष तक बढ़ाई जा सकेगी जिम्मेदारी
- संशोधित व्यवस्था के तहत शुरुआती सात वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद
- संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
- आपसी सहमति के आधार पर इसे 14 वर्ष तक अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
- यह विस्तार दो चरणों में होगा और प्रत्येक चरण में सात वर्ष की अवधि बढ़ाई जा सकेगी।
- अवधि बढ़ाने का निर्णय एजेंसी के काम की गुणवत्ता, विकास एवं रखरखाव की प्रगति
- और निर्धारित शर्तों के अनुपालन के आधार पर किया जाएगा।
- इसके लिए रीको और संबंधित एजेंसी की आपसी सहमति आवश्यक होगी। रीको हरित क्षेत्र रखरखाव
मिशन हरयालो राजस्थान के तहत बढ़ रहा पौधरोपण
- रीको राज्य सरकार के ‘मिशन हरयालो राजस्थान’ के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े स्तर पर पौधरोपण कर रहा है।
- वर्ष 2025-26 में प्रदेश में तीन लाख से अधिक पौधे लगाए गए। वहीं वर्ष 2026-27
- में अब तक करीब तीन लाख पौधरोपण किया जा चुका है।
- रीको ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
एजेंसियों को मिलेगा दीर्घकालीन योजना का अवसर
- रीको का मानना है कि लंबी अवधि के लिए जिम्मेदारी मिलने से एजेंसियां हरित
- क्षेत्रों के विकास और रखरखाव को अधिक योजनाबद्ध तरीके से कर सकेंगी।
- इससे पौधों के पूर्ण विकास, नियमित देखभाल और हरित क्षेत्रों के संवर्धन पर बेहतर ध्यान दिया जा सकेगा।
- इसके अलावा, संबंधित एजेंसियों को कार्बन क्रेडिट हासिल करने में भी लाभ मिल सकता है।
- इससे पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में अधिक एजेंसियों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
- रीको की यह पहल औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- लंबे समय तक हरित क्षेत्रों के रखरखाव से औद्योगिक क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने,
- पौधों के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
- इससे प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के साथ प्रदूषण मुक्त औद्योगिक वातावरण बनाने के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
https://riico.rajasthan.gov.in/
https://hariyalo.rajasthan.gov.in/
Edited by – Riddhima


