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किसानों को निर्बाध उर्वरक आपूर्ति राजस्थान: सहकारिता मंत्री ने दिए निर्देश

गाँव मंच जयपुर, 22 मई। राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने आगामी खरीफ और रबी सीजन में किसानों को निर्बाध उर्वरक आपूर्ति राजस्थान नीति के तहत सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सहकारिता मंत्री ने इफको (IFFCO) और कृभको (KRIBHCO) के अधिकारियों को कड़े लहजे में पाबंद किया कि राज्य में यूरिया और डीएपी (DAP) जैसे उर्वरकों का वितरण अनिवार्य रूप से केवल क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और ग्राम सेवा सहकारी समितियों (PACS) के माध्यम से ही किया जाए।

उन्होंने खाद की कालाबाजारी को पूरी तरह रोकने के लिए निजी डीलरों के माध्यम से होने वाले उर्वरक वितरण पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए।

किसानों को निर्बाध उर्वरक आपूर्ति राजस्थान के संबंध में शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक लेते सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक

नकली खाद पर कड़ा प्रहार: अधिकारी करेंगे नियमित औचक निरीक्षण

किसानों को नकली और मिलावटी खाद के संकट से बचाने के लिए सहकारिता मंत्री ने एक नई नीतिगत व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं:

  • चुनिंदा कंपनियों की बिक्री: सहकारी समितियों के गोदामों से अब केवल इफको और कृभको जैसी सहकारी आदेश पर आधारित प्रामाणिक कंपनियों की खाद ही बेची जा सकेगी।
  • फोटोग्राफ्स भेजना अनिवार्य: सभी जिला उप रजिस्ट्रार (Deputy Registrars) और निरीक्षकों को सहकारी समितियों के गोदामों का नियमित निरीक्षण करना होगा और निरीक्षण के डिजिटल फोटोग्राफ्स मुख्यालय भेजने होंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी अन्य गैर-प्रामाणिक कंपनी के उत्पाद वहां न बेचे जा रहे हों।
  • बांसवाड़ा-डूंगरपुर में रैक: जिन ब्लॉकों में अभी तक वितरण तंत्र कमजोर है, वहां इसे सुदृढ़ किया जाएगा। इसके साथ ही डूंगरपुर और बांसवाड़ा के आदिवासी अंचल में उर्वरक रैक समय पर पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।
राजस्थान में सहकारी समितियों के माध्यम से इफको और कृभको खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते अधिकारी

नैनो यूरिया की जबरन बिक्री पर रोक, ‘मार्कफेड’ मॉडल का होगा अध्ययन

श्री दक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसान नैनो उर्वरकों (Nano Fertilizer) के उपयोग के लिए पूरी तरह मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं। इसलिए समितियों द्वारा नैनो यूरिया की अनिवार्य बिक्री (जबरन टैगिंग) करने के बजाय पहले किसानों को इसके लाभों के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

इसके अलावा, उर्वरक वितरण की बेहतरीन प्रणाली को समझने के लिए कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का एक संयुक्त दल जल्द ही मध्य प्रदेश की सहकारी संस्था ‘मार्कफेड’ (Markfed) की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए भेजा जाएगा।

लाइसेंस प्रक्रिया में ढील और पैक्स का उन्नयन

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बैठक में अवगत कराया कि राज्य के लिए आवश्यक उर्वरकों का आवंटन केंद्र सरकार से प्राप्त हो चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद, उत्तम बीज और कीटनाशकों की सुगम उपलब्धता के लिए पैक्स को ‘प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए पैक्स व्यवस्थापकों को फर्टिलाइजर लाइसेंस जारी करने हेतु निर्धारित आयु सीमा में शिथिलता (छूट) प्रदान की गई है, जिससे लंबित लाइसेंस तेजी से जारी हो सकेंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा, राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी, इफको के राज्य विपणन प्रबंधक पृथ्वीराज सिहाग और कृभको के राज्य विपणन प्रबंधक रामजीलाल शर्मा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राजस्थान में सहकारी समितियों के माध्यम से खाद-बीज वितरण की नई गाइडलाइंस और पैक्स (PACS) पंजीकरण से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं के लिए सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार के डिजिटल पोर्टल पर जाएं।
  • नैनो यूरिया, डीएपी की कीमतों और सहकारी उर्वरक उत्पादन की नवीनतम तकनीकी जानकारियों के लिए इफको (IFFCO) इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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