गाँव मंच डेस्क जयपुर, 13 फरवरी। जयपुर में कांग्रेस एक बार फिर “पैगाम-ए-मोहब्बत” सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। यह कार्यक्रम 16 फरवरी को बिरला सभागार में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। कांग्रेस का उद्देश्य देश में बढ़ते ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति के बीच मोहब्बत और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना है।
राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” के संदेश को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग इस सम्मेलन के माध्यम से इसे कार्यकर्ताओं और जनता तक पहुंचाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष एम.डी. चोपदार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान राजनीतिक हालात पर चिंता व्यक्त करना और समाज में सद्भाव बनाए रखना है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद विकास की बजाय ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है।
चोपदार ने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक वर्ग को टारगेट कर रही है और प्रस्तावित “डिस्टर्ब एरिया बिल” के जरिए मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों को प्रभावित करने की आशंका है। उनका कहना है कि भाजपा नफरत की राजनीति से राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, लेकिन कांग्रेस मोहब्बत और सद्भाव के जरिए इसका जवाब देगी।

प्रमुख नेता और उपस्थितियां
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहेंगे। इनमें शामिल हैं:
- कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी
- राजस्थान प्रभारी सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा
- पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा
- नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली
- पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट
इन नेताओं की मौजूदगी से यह सम्मेलन प्रदेश की राजनीति और सामाजिक संदेश दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सम्मेलन न केवल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को उत्साहित करेगा, बल्कि राजस्थान में राजनीतिक तापमान पर भी असर डाल सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पैगाम-ए-मोहब्बत का संदेश जनता और मीडिया तक कितना प्रभावी तरीके से पहुंचता है।
कांग्रेस का प्रयास है कि इस सम्मेलन के माध्यम से सकारात्मक और समावेशी राजनीति को बढ़ावा मिले और नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति के खिलाफ मजबूत संदेश जाए।
जनता और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया और स्थानीय खबरों के माध्यम से जनता सम्मेलन की तैयारी और नेताओं की मौजूदगी पर नजर रख रही है।
इस तरह का आयोजन यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस सकारात्मक राजनीतिक संदेश और मोहब्बत का अभियान जारी रखने पर जोर दे रही है, जबकि विपक्षी दलों की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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