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पूछरी का लोटा विकास, 100 करोड़ से संवरेगा गोवर्धन परिक्रमा मार्ग

गाँव मंच डेस्क जयपुर, 16 फरवरी। राजस्थान का एक प्रमुख धार्मिक स्थल अब देश के पर्यटन नक्शे पर नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। भरतपुर स्थित गोवर्धन परिक्रमा का पवित्र स्थल पूछरी का लोटा जल्द ही भारत के हेरिटेज मैप पर खास स्थान हासिल कर सकता है।

यह स्थल आस्था और इतिहास का संगम माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान कृष्ण के चरण चिह्न मौजूद हैं। उनके सखा लोटा बाबा ने भी इसी स्थान पर तपस्या की थी। इसलिए यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

प्राकृतिक सुंदरता भी बड़ी पहचान

प्राकृतिक दृष्टि से भी यह स्थान आकर्षक है। गोवर्धन पर्वत यहां मोर की पूंछ की आकृति में फैला दिखाई देता है। इसके कारण यहां आने वाले पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी मिलता है।

100 करोड़ की सीएसआर पहल

अब इस क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी परियोजना प्रस्तावित की गई है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की सीएसआर पहल के तहत पूछरी का लोटा और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के विकास की योजना बनाई गई है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से हिंदुस्तान जिंक की सीएसआर निधि से लगभग 100 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव रखा गया है।

परियोजना के तहत 21 किलोमीटर लंबे गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। साथ ही रेस्टोरेशन कार्य, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राज्य बजट में भी पर्यटन पर जोर

इसी बीच राजस्थान सरकार ने राज्य बजट 2026-27 में पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है। विधानसभा में पेश बजट में शहरी सड़कों के लिए 1,800 करोड़ रुपये और सड़क विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे हेरिटेज स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

बजट में ‘विकसित राजस्थान 2047’ की दृष्टि को केंद्र में रखा गया है। इसके तहत पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

इस पहल का उद्देश्य केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है। साथ ही स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना भी इसका लक्ष्य है।

कुल मिलाकर, यह पहल इतिहास, आस्था और विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास है। यदि परियोजना समयबद्ध रूप से लागू होती है, तो पूछरी का लोटा राष्ट्रीय हेरिटेज हॉटस्पॉट के रूप में उभर सकता है।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के पंचायत सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

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