गाँव मंच डेस्क बांग्लादेश, 6 अप्रैल | असम के कछार जिले के कटिगोरा के हरिनगर क्षेत्र में रविवार को भारत-बांग्लादेश सीमा (India Bangladesh Border) के पास तनाव बढ़ गया, जब कथित तौर पर बांग्लादेशी उपद्रवियों ने भारतीय किसानों पर हमला कर दिया। इस घटना में कम से कम 7 किसान घायल हो गए। जानकारी के अनुसार किसान सुरमा नदी (Surma River) के पार स्थित खेतों में खेती कर रहे थे, तभी बांग्लादेश की ओर से सीमा पार कर आए कुछ लोगों ने लाठी और धारदार हथियारों से उन पर हमला किया। घायल किसानों ने जान बचाने के लिए नदी में तैरकर भारतीय क्षेत्र में वापस आकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की।
सुरमा नदी पार खेती कर रहे किसानों पर हमला, BSF परमिशन का दावा | Assam Border Incident
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, भारतीय किसान पिछले लगभग 20 वर्षों से 225 हेक्टेयर जमीन पर खेती कर रहे हैं। किसानों का दावा है कि उनके पास वैध पहचान पत्र और BSF (Border Security Force) की अनुमति है, जो सीमा क्षेत्र के नियमों के अनुसार दी जाती है। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि हाल के महीनों में बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा किसानों को परेशान करना और खेती से रोकने की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे स्थानीय किसानों की आजिविका (Livelihood) पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी, किसानों ने सुरक्षा और न्याय की मांग की | Border Security News
हमले के तुरंत बाद हरिनगर इलाके में डर और अफरा-तफरी फैल गई। रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 200 किसान और ग्रामीण सीमा के पास एकत्र हो गए और सुरक्षा तथा न्याय की मांग करने लगे। कुछ किसानों ने BSF की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि सीमा के पास खेती करना अब पहले से ज्यादा जोखिम भरा हो गया है। यह मामला अब Assam Latest News और Border Tension Update में चर्चा का विषय बना हुआ है।
BSF अलर्ट मोड में, कछार का 32 किमी बॉर्डर बना विवाद का कारण | India Bangladesh Border Tension
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ BSF अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात सामान्य करने के लिए कदम उठाए। सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि आगे कोई और घटना न हो। फिलहाल BSF की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अलर्ट मोड में है।
कछार जिला बांग्लादेश के साथ 32 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। सुरमा नदी का मार्ग बार-बार बदलने के कारण यहां जमीन के स्वामित्व और पहुंच को लेकर विवाद होते रहते हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि इस मुद्दे पर स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत और मजबूत सीमा प्रबंधन किया जाए।
राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।
-Vishakha Mehra , Journalist


