गाँव मंच डेस्क जयपुर, 7 अप्रैल | राजस्थान के सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र के दो गांवों में एक रहस्यमयी बीमारी को लेकर दहशत का माहौल बन गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 अप्रैल से 5 अप्रैल के बीच बुखार के लक्षण सामने आने के बाद 5 छोटे बच्चों की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निगरानी और आपातकालीन मेडिकल रिस्पॉन्स शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों में डर बढ़ गया है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
ग्राउंड जांच के लिए उदयपुर और जयपुर से मेडिकल टीमें रवाना
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर की विशेषज्ञ टीम को प्रभावित गांवों में विस्तृत ऑन-ग्राउंड जांच के लिए भेजा गया है। टीम का मुख्य उद्देश्य मौतों के सटीक कारण का पता लगाना है। इसके साथ ही डायरेक्टोरेट ऑफ हेल्थ सर्विसेज, जयपुर की एक और टीम को भी निगरानी और रिस्पॉन्स प्रयासों में सहायता के लिए रवाना किया गया है। विशेषज्ञ सैंपल एकत्र कर रहे हैं और मेडिकल स्क्रीनिंग भी की जा रही है, ताकि बीमारी फैलने के वास्तविक कारण को स्पष्ट किया जा सके।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फैक्ट चेक और रोकथाम के निर्देश दिए
इस मामले पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संज्ञान लिया है और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मौतों के तथ्यों की जांच की जाए, बीमारी का कारण पता लगाया जाए और इसके आगे फैलने से रोकने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं। मृत बच्चों की उम्र 2 से 4 वर्ष के बीच बताई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और अधिक सतर्क हो गया है।
मच्छर जनित बीमारी की आशंका, फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान शुरू
अधिकारियों के मुताबिक, एहतियात के तौर पर मच्छर जनित बीमारियों की संभावना को देखते हुए रोकथाम की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रभावित इलाकों में एंटी-लार्वा गतिविधियां, सोर्स रिडक्शन ड्राइव और फॉगिंग ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्थिति की समीक्षा की और विभागों को लगातार निगरानी तथा आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। मेडिकल टीमों को आदेश दिया गया है कि लक्षण दिखने वाले बच्चों को तुरंत इलाज दिया जाए और गंभीर मामलों को जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाए।
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-Vishakha Mehra , Journalist


