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धर्मगुरु बनकर महिलाओं का शोषण, अशोक खरात कांड में बड़ा खुलासा

गाँव मंच डेस्क नासिक, महाराष्ट्र, 8 अप्रैल | देश में अंधविश्वास और ढोंगी बाबाओं के जाल से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। अशोक खरात कांड में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्होंने समाज को झकझोर कर रख दिया है।

जांच के अनुसार, खुद को धर्मगुरु और ज्योतिषी बताने वाला आरोपी महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने के लिए “जादुई टोटके” और “दिव्य शक्तियों” का दावा करता था। इसी झूठे विश्वास के जरिए वह महिलाओं का मानसिक और शारीरिक शोषण करता रहा।

SIT जांच में क्या हुआ खुलासा?

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी महिलाओं को डर और अंधविश्वास के जरिए अपने नियंत्रण में लेता था। उन्हें श्राप और अनहोनी का डर दिखाकर उनका विश्वास जीतता था और फिर उनका शोषण करता था।

अब तक इस मामले में कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें यौन शोषण के मामले भी शामिल हैं। जांच के दौरान कई पीड़ित सामने आए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

अंधविश्वास से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े

देश में अंधविश्वास और जादू-टोना के नाम पर अपराध कोई नया मामला नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार:

  • 2014 से 2016 के बीच 52 लोगों की मौत मानव बलि के नाम पर हुई
  • 385 लोगों की हत्या जादू-टोना के आरोप में की गई
  • पिछले 14 वर्षों में 2000 से अधिक महिलाओं को “चुड़ैल” बताकर मार दिया गया

देशभर में सामने आ रहे ऐसे मामले

हाल के वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों से भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां फर्जी बाबाओं ने लोगों की आस्था का फायदा उठाया।

महाराष्ट्र में “तलवार बाबा” केस उत्तराखंड में 170 से अधिक फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारीदिल्ली में महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले

क्यों फंस जाते हैं लोग ऐसे जाल में?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब व्यक्ति डर, तनाव या अनिश्चितता की स्थिति में होता है, तो वह ऐसे लोगों की तलाश करता है जो उसे उम्मीद और समाधान देने का दावा करें। इसी मनोस्थिति का फायदा उठाकर ऐसे पाखंडी बाबा लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं।

समाज में जागरूकता की कमी बनी वजह

समाज में वैज्ञानिक सोच और तार्किक समझ की कमी भी ऐसे मामलों को बढ़ावा देती है। कई बार पीड़ित महिलाएं सामाजिक दबाव, शर्म और डर के कारण अपनी बात सामने नहीं रख पातीं, जिससे अपराधियों का मनोबल और बढ़ता है।

क्या जरूरी है अब?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। लोगों को अंधविश्वास से दूर रहकर तार्किक और वैज्ञानिक सोच अपनानी होगी।

राजस्थान में पंचायतों, ग्राम सभाओं और ग्रामीण योजनाओं से जुड़ी ताज़ा खबरें गाँव मंच के किसान सेक्शन में भी उपलब्ध हैं।

– Manisha Bhambhu , Journalist

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