गांव मंच डेस्क जयपुर, 15 अप्रैल | राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला 2026 का आयोजन जयपुर के Jawahar Kala Kendra में 17 से 26 अप्रैल तक किया जाएगा। इस मेले का आयोजन सहकारिता विभाग और Rajasthan State Cooperative Consumer Federation (कॉनफेड) द्वारा किया जा रहा है।
बुधवार को शासन सचिव और रजिस्ट्रार सहकारी समितियां समित शर्मा ने तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
मेले की बढ़ती पहचान
- अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय सहकार मसाला मेला 2026 अब जयपुर की पहचान बन चुका है।
- हर साल बड़ी संख्या में लोग इस मेले में पहुंचते हैं।
- इस बार भी अधिक भीड़ की उम्मीद जताई जा रही है।

व्यवस्थाओं पर खास ध्यान
- अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आगंतुकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- इसके लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएंगी।
- साथ ही, मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
ऑर्गेनिक और श्रीअन्न उत्पादों पर फोकस
- इस बार मेले में ऑर्गेनिक और श्रीअन्न (मिलेट) उत्पादों को प्रमुखता दी जाएगी।
- इसके अलावा, स्टॉल्स की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
- इससे अधिक प्रतिभागियों को अवसर मिलेगा।
प्रतिभागियों के लिए सुविधाएं
- देशभर से आने वाले प्रतिभागियों के लिए आवास और परिवहन की व्यवस्था की जाएगी।
- इससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- आयोजकों ने इसके लिए अलग से योजना बनाई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे खास
- मेले में हर दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
- इन कार्यक्रमों में राजस्थान की लोक कला को शामिल किया जाएगा।
- इससे मेले का आकर्षण और बढ़ेगा।
व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
- यह मेला सहकारी संस्थाओं, महिला समूहों और स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ा मंच है।
- यहां उन्हें अपने उत्पादों के प्रचार और बिक्री का मौका मिलेगा।
- साथ ही, इन्हें सालभर प्लेटफॉर्म देने पर भी विचार किया जा रहा है।
“ऑर्गेनिक और मिलेट उत्पादों की जानकारी के लिए Indian Institute of Millets Research की वेबसाइट उपयोगी है।”
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