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कोटा प्रसूता मौत मामला: राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई, कई डॉक्टर्स निलंबित

गावं मंच डेस्क, जयपुर 9 मई। कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की मौत और स्वास्थ्य बिगड़ने के कोटा प्रसूता मौत मामला को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए चिकित्सा कर्मियों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में एक वरिष्ठ चिकित्सक और दो नर्सिंग कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक चिकित्सक की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

लापरवाही पर गिरी गाज: डॉक्टर्स और नर्स पर एक्शन

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चिकित्सा प्रोटोकॉल के पालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कोटा प्रसूता मौत मामला में तत्काल कार्रवाई करते हुए:

  • जनरल सर्जरी विभाग के सह आचार्य डॉ. नवनीत कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
  • यूटीबी पर कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. श्रद्धा उपाध्याय को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
  • सीनियर नर्सिंग अधिकारी गुरजौत कौर और निमेश वर्मा को कार्य में शिथिलता के कारण निलंबित कर उनका मुख्यालय जयपुर किया गया है।
कोटा प्रसूता मौत मामला राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई राजस्थान

यूनिट हेड्स को कारण बताओ नोटिस

शासन ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के यूनिट हेड डॉ. बीएल पटीदार और डॉ. नेहा सीहरा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे अस्पताल में हुई इस गंभीर घटना के संबंध में पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी और उपचार प्रक्रिया की मॉनिटरिंग में संभावित लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

चिकित्सा मंत्री की कड़ी निगरानी

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उनके निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल ने कोटा पहुंचकर घटनाक्रम की समीक्षा की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।

विस्तृत जांच के आदेश

राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। गायत्री राठौड़ ने अस्पताल प्रशासन को ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, एनेस्थीसिया प्रोटोकॉल और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों या कार्मिकों के विरुद्ध भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • राजस्थान स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक सूचनाओं के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट देखें।
  • मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्णयों की जानकारी के लिए CMO Rajasthan पोर्टल पर विजिट करें।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।

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