गांवमंच डेस्क | उत्तर प्रदेश
- सरकार भविष्य की आपदाओं से निपटने के लिए एक नई और विशेष रेस्क्यू फोर्स तैयार कर रही है।
- इस फोर्स का नाम स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप (SRG) रखा गया है।
- यह टीम बाढ़, आग और भवन हादसों के साथ-साथ केमिकल, बायोलॉजिकल और न्यूक्लियर जैसी गंभीर आपदाओं में भी राहत और बचाव कार्य करेगी।
- सरकार का लक्ष्य है कि यह फोर्स 15 अगस्त तक काम शुरू कर दे।
क्या है SRG?
- उत्तर प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू ग्रुप (SRG) बनाने का फैसला किया है।
- इस नई फोर्स को यूपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के तहत तैयार किया जा रहा है।
- SRG के जवान आधुनिक उपकरणों और विशेष प्रशिक्षण से लैस होंगे,
- ताकि किसी भी बड़ी आपदा में तेजी से राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
240 फायर फाइटर्स को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
- शुरुआती चरण में 240 फायर फाइटर्स को SRG में शामिल किया जाएगा।
- इन जवानों को आग, बाढ़, मलबे में फंसे लोगों को निकालने, वाटर रेस्क्यू, रोप रेस्क्यू और फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्स जैसी ट्रेनिंग दी जा रही है।
- इसके अलावा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) आपदाओं से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
देश की प्रमुख एजेंसियां देंगी प्रशिक्षण
- SRG के जवानों को एनडीआरएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और अन्य विशेषज्ञ एजेंसियों के सहयोग से प्रशिक्षित किया जाएगा।
- इसके लिए विशेष कोर्स तैयार किए गए हैं ताकि जवान हर तरह की चुनौती का सामना कर सकें।
पहले 10 जिलों में होगी तैनाती
- पहले चरण में SRG की तैनाती उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में की जाएगी। प्रत्येक जिले में 24 जवान तैनात रहेंगे।
- सरकार का मानना है कि इससे आपदा के समय राहत कार्य तेजी से हो सकेंगे और लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
15 अगस्त तक शुरू हो सकती है सेवा
- यूपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के अनुसार, SRG के लिए यूनिफॉर्म, लोगो और आधुनिक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
- सरकार का लक्ष्य है कि यह नई फोर्स 15 अगस्त तक पूरी तरह काम शुरू कर दे।
लेखिका- तनु रूंगटा




