प्राकृतिक आपदाओं में किसानों का सहारा
- राजस्थान के किसान खेती के लिए काफी हद तक मौसम पर निर्भर रहते हैं।
- कई बार सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तेज आंधी, कीट और रोग फसलों को नुकसान पहुंचा देते हैं।
- ऐसे समय में किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।
- इसी चुनौती को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है।
- यह योजना फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
फसल खराब होने पर मिलता है बीमा क्लेम
- योजना के तहत ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसान फसल बीमा का लाभ ले सकते हैं।
- यदि खरीफ सीजन में बड़े स्तर पर बुवाई प्रभावित होती है, तो किसानों को बीमित राशि के अनुसार सहायता दी जाती है।
- वहीं बुवाई से लेकर कटाई तक फसल को सूखा, बाढ़, रोग या अन्य प्राकृतिक कारणों से नुकसान होने पर बीमा क्लेम दिया जाता है।
- इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलती है और वे दोबारा खेती की तैयारी कर पाते हैं।
कटाई के बाद भी मिलती है सुरक्षा
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि कटाई के बाद होने वाले नुकसान को भी इसमें शामिल किया गया है।
- खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल यदि ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से प्रभावित होती है |
- तो किसान 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना दे सकते हैं।
- इसके बाद संबंधित विभाग और बीमा कंपनी नुकसान का आकलन कर दावा प्रक्रिया पूरी करते हैं।
आसान आवेदन, बेहतर सुरक्षा
- किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP), ई-मित्र केंद्र या बैंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- खरीफ सीजन के लिए 31 जुलाई और रबी सीजन के लिए 31 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है।
- यह योजना किसानों को केवल आर्थिक सुरक्षा ही नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ खेती जारी रखने का भरोसा भी देती है।
- यही कारण है कि राजस्थान में बड़ी संख्या में किसान इस योजना से जुड़ रहे हैं।
Writer-तनु रूंगटा


