गांव मंच डेस्क, जयपुर
जयपुर के 22 गोदाम औद्योगिक क्षेत्र की वर्षों पुरानी अवशिष्ट जल निकासी की समस्या अब जल्द दूर होने की उम्मीद है। अखिल राज्य ट्रेड एंड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आरतिया) और जयपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन की पहल पर क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कालीचरण सर्राफ ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि करतारपुरा नाले के विकास के लिए 165 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र को मुख्य नाले से जोड़ने के लिए 100 मीटर लंबा नाला भी बनाया जाएगा।
आरतिया की पहल से आगे बढ़ा वर्षों पुराना मामला
आरतिया कार्यालय में आयोजित बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने विधायक कालीचरण सर्राफ को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया। बैठक में आरतिया के मुख्य संरक्षक आशीष सर्राफ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा और जयपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने बताया कि अवशिष्ट जल निकासी की समस्या लंबे समय से उद्योगों के संचालन को प्रभावित कर रही है।

71 वर्ष पुराने औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी समस्या होगी दूर
- 22 गोदाम औद्योगिक क्षेत्र वर्ष 1955 में स्थापित हुआ था।
- शुरुआत में उद्योग विभाग ने करीब 150 औद्योगिक शेड आवंटित किए थे।
- बाद में करतारपुरा औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार हुआ। वर्ष 1992 में दोनों क्षेत्रों का संचालन रीको को सौंप दिया गया।
- वर्तमान में दोनों औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 450 भूखंडों पर औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं।
- इनमें अधिकांश इकाइयां सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं।
अवशिष्ट जल निकासी का समाधान नहीं होने से बढ़ी परेशानी
- उद्योगों के स्थापित होने के बाद से अब तक अवशिष्ट जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं बन सकी।
- जबकि रीको क्षेत्र की सीमा से करतारपुरा का मुख्य नाला केवल 100 मीटर दूर है।
- इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह कार्य वर्षों तक लंबित रहा।
- उद्योग संगठनों ने कई बार संबंधित विभागों के समक्ष यह मुद्दा उठाया।
सरकारी स्तर पर कई बैठकों में उठा मामला
- यह विषय जिला स्तरीय विवाद एवं शिकायत निवारण समिति की बैठकों में भी रखा गया।
- वर्ष 2022, 2023 और 2025 की बैठकों में उद्योग विभाग, रीको और उद्योग संगठनों ने समाधान की मांग की।
- हालांकि जयपुर विकास प्राधिकरण ने जून 2026 में स्पष्ट किया कि करतारपुरा नाला क्षेत्र
- अनुमोदित नहीं होने के कारण कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है।
600 से अधिक उद्योगों और हजारों श्रमिकों को मिलेगा लाभ
- आरतिया और जयपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन का कहना है
- कि इस औद्योगिक क्षेत्र में 600 से अधिक औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं।
- यहां 30 हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। कई निर्यातक इकाइयां भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं।
- संगठनों का मानना है कि बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने से उद्योगों का विस्तार होगा।
- इससे रोजगार और सरकारी राजस्व दोनों में बढ़ोतरी होगी।
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Edited by – Riddhima


