जयपुर, 21 अक्टूबर 2026। राजस्थान के प्रख्यात टेराकोटा एवं दृश्य कला कलाकार चंद्रशेखर सैन को 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी टेराकोटा कलाकृति ‘My Entire World – I’ (माय एंटायर वर्ल्ड – I) के लिए मिला। इस उपलब्धि से राजस्थान की कला और शिल्प परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंद्रशेखर सैन को सम्मानित किया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल सहित कला एवं संस्कृति जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

ललित कला अकादमी ने किया राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन
- 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन ललित कला अकादमी,
- नई दिल्ली द्वारा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में किया गया।
- इस प्रदर्शनी का उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली कलाकारों की रचनात्मकता, कलात्मक उपलब्धियों
- और भारतीय कला में उनके योगदान को पहचान देना है।
- इस प्रतिष्ठित आयोजन में देशभर के कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत कीं।
- राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित कलाकारों को उनकी मौलिक सोच, कलात्मक अभिव्यक्ति
- और रचनात्मक योगदान के आधार पर सम्मानित किया गया।

‘My Entire World – I’ कलाकृति में दिखा प्रकृति और मानवीय भावनाओं का संगम
- चंद्रशेखर सैन की पुरस्कृत कलाकृति ‘My Entire World – I’ टेराकोटा माध्यम में तैयार की गई है।
- इस रचना में कलाकार ने प्रकृति, जीवन, स्मृतियों और मानवीय भावनाओं को समकालीन कला दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया है।
- कलाकृति में पारंपरिक मिट्टी कला और आधुनिक रचनात्मक विचारों का मेल दिखाई देता है।
- टेराकोटा जैसे पारंपरिक माध्यम के जरिए समकालीन विषयों को अभिव्यक्त करना कलाकार की विशिष्ट शैली और कलात्मक दृष्टि को दर्शाता है।
6,175 प्रविष्टियों में से 20 कलाकारों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
- प्राप्त जानकारी के अनुसार, 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए देशभर से कुल 6,175 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं।
- इनमें से 270 कलाकृतियों को प्रदर्शनी के लिए चुना गया, जबकि केवल 20 कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- ऐसे प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय मंच पर चंद्रशेखर सैन का चयन उनकी कलात्मक प्रतिभा,
- मौलिक अभिव्यक्ति और टेराकोटा कला के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करता है।
राजस्थान की टेराकोटा कला के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
- चंद्रशेखर सैन को मिला यह सम्मान राजस्थान के कला जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- प्रदेश की समृद्ध लोककला, पारंपरिक शिल्प और मिट्टी से जुड़ी कलात्मक विरासत को इस तरह के राष्ट्रीय सम्मान से नई पहचान मिलती है।
- सैन लंबे समय से टेराकोटा और दृश्य कला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी कलात्मक यात्रा यह दर्शाती है
- कि पारंपरिक माध्यमों का उपयोग आधुनिक विचारों, भावनाओं और अनुभवों को प्रभावशाली तरीके से व्यक्त करने के लिए भी किया जा सकता है।
- उनकी इस उपलब्धि से राजस्थान के उभरते कलाकारों और शिल्पकारों को भी प्रेरणा मिल सकती है।
- राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में मिला यह सम्मान न केवल चंद्रशेखर सैन की कला यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है,
- बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी गर्व का विषय है।
अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें।
https://lalitkala.gov.in/65thnea
Edited by – Riddhima


