गाँव मंच डेस्क, जयपुर । कृषि सफलता की कहानी के तहत राजस्थान के सीकर जिले के खोरी गांव के किसान शेरसिंह शेखावत आज टिकाऊ कृषि और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुके हैं। उन्होंने अपने एक हेक्टेयर फार्म हाउस को पंचतत्व—भूमि, जल, वायु, अग्नि और आकाश—के संतुलन पर आधारित मॉडल के रूप में विकसित किया है। यही कारण है कि उनके फार्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
शेखावत का कहना है कि यह मॉडल वेदों, पुराणों, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से तैयार किया गया है। इसके माध्यम से वे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि को भी लाभदायक बना रहे हैं।
जैविक खेती से बढ़ाई मिट्टी की उर्वरता
भूमि तत्व को मजबूत बनाने के लिए किसान शेरसिंह गोमूत्र, गोबर और पारंपरिक औषधियों के किण्वन से तैयार जैविक घोल का उपयोग करते हैं। इसके परिणामस्वरूप मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ी है और भूमि की उर्वरता भी बेहतर हुई है।
इसके अलावा, वे पूरी तरह जैविक खेती को बढ़ावा देते हैं। उनका मानना है कि रासायनिक खेती की तुलना में जैविक खेती लंबे समय तक भूमि को स्वस्थ बनाए रखने में अधिक प्रभावी है।

कृषि सफलता की कहानी: सीकर के किसान शेरसिंह शेखावत का पंचतत्व आधारित जैविक फार्म और प्राकृतिक वातानुकूलित कमरे
वर्षा जल संचयन से हर साल बचाते हैं 12 लाख लीटर पानी
जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए शेखावत ने अपने फार्म पर वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था स्थापित की है। इस प्रणाली के जरिए हर वर्ष लगभग 12 लाख लीटर पानी संग्रहित किया जाता है।
खेतों में गिरने वाला वर्षा जल विशेष नालों के माध्यम से कुंड तक पहुंचाया जाता है। बाद में इसी पानी का उपयोग पीने और सिंचाई दोनों कार्यों में किया जाता है। इस प्रकार जल संकट से निपटने का एक स्थायी समाधान तैयार किया गया है।
1750 पेड़-पौधों से सुधर रहा पर्यावरण
वायु तत्व को संतुलित रखने के लिए फार्म पर करीब 1750 पेड़-पौधे लगाए गए हैं। खास बात यह है कि पौधों का चयन उनकी प्रदूषण नियंत्रण क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है।
नतीजतन, फार्म का वातावरण स्वच्छ और प्राकृतिक बना हुआ है। साथ ही जैव विविधता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
प्राकृतिक एसी वाले कमरे और एग्रो टूरिज्म से लाखों की कमाई
इस कृषि सफलता की कहानी की सबसे खास बात मिट्टी और गोबर से बने चार प्राकृतिक वातानुकूलित कमरे हैं। ये कमरे गर्मियों में बाहरी तापमान की तुलना में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक ठंडे रहते हैं, जबकि सर्दियों में भी इनमें आरामदायक वातावरण बना रहता है।
इसके साथ ही शेखावत ने अपने फार्म को एग्रो टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया है। यहां पर्यटक प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने आते हैं। वहीं फल और सब्जियों की खेती से अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। परिणामस्वरूप, वे हर साल लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर जाएं।
National Mission on Natural Farming (NMNF)
Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) Information
Edited by – Riddhima


