नींदड़ पहाड़ियों में 80 विद्यार्थियों ने की ट्रेकिंग, जर्मनी में शिक्षा और करियर के अवसरों की दी जानकारी
जयपुर, 18 अक्टूबर। ई लैंग्वेज स्टूडियो एवं जर्मन स्पीकर्स क्लब, जयपुर की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जर्मन भाषा एवं संस्कृति कार्यक्रम का समापन शैक्षणिक गतिविधियों, सांस्कृतिक संवाद और रोमांचक ट्रेकिंग के साथ हुआ। कार्यक्रम में तीन दिनों के दौरान 300 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को जर्मन भाषा की व्यावहारिक जानकारी देने के साथ जर्मनी की संस्कृति, शिक्षा और करियर की संभावनाओं से परिचित कराना था।

विशेषज्ञों ने बताए जर्मन भाषा सीखने के तरीके
- कार्यक्रम में जर्मन भाषा शिक्षण के अनुभवी विशेषज्ञ एवं पूर्व विश्वविद्यालय विभागाध्यक्ष प्रोफेसर जे. वी. डी. मूर्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
- उन्होंने विद्यार्थियों को जर्मन भाषा के व्याकरण, भाषा सीखने की प्रभावी तकनीकों
- और जर्मन भाषी देशों में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों के बारे में जानकारी दी।
- विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को भाषा सीखने के दौरान आने वाली कठिनाइयों को दूर करने
- और अपनी भाषा दक्षता बेहतर बनाने के व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
- सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को विदेशी भाषा सीखने के महत्व
- और इसके संभावित करियर विकल्पों को समझने का अवसर मिला।
भारत-जर्मनी के सांस्कृतिक संबंधों पर हुआ संवाद
- कार्यक्रम में जर्मनी से आए भारतीय-जर्मन दंपती मार्शल और कृतिका सहित वरिष्ठ शिक्षक कुणाल शर्मा, दिनेश सैनी
- तथा अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
- विभिन्न सत्रों में भारत और जर्मनी के सांस्कृतिक संबंधों, जर्मन समाज और दैनिक जीवन में भाषा के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा की गई।
- कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भाग लिया।
- इससे विभिन्न स्थानों के विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से संवाद करने और अपने सवालों के जवाब प्राप्त करने का अवसर मिला।
नींदड़ पहाड़ियों में 80 विद्यार्थियों ने की ट्रेकिंग
- कार्यक्रम के तीसरे दिन लगभग 80 विद्यार्थियों ने अरावली पर्वतमाला की नींदड़ पहाड़ियों में ट्रेकिंग की।
- इस गतिविधि के जरिए विद्यार्थियों को प्रकृति के बीच समय बिताने, शारीरिक सक्रियता बनाए रखने
- और समूह में मिलकर काम करने का अनुभव मिला।
- विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ट्रेकिंग में भाग लिया। इस गतिविधि ने कार्यक्रम को कक्षा आधारित भाषा शिक्षण से आगे बढ़ाते हुए टीमवर्क, अनुशासन
- और आपसी सहयोग जैसे पहलुओं से भी जोड़ा।
भाषा के साथ करियर मार्गदर्शन पर संस्थान का जोर
- ई लैंग्वेज स्टूडियो के संस्थापक एवं जर्मन स्पीकर्स क्लब के संयोजक देवकरण सैनी ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल विदेशी भाषा सिखाना नहीं,
- बल्कि विद्यार्थियों को भाषा के माध्यम से शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसरों से जोड़ना भी है।
- उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों से सीधे संवाद करने,
- अपनी शंकाओं का समाधान पाने और अन्य विद्यार्थियों के साथ सीखने का अवसर देते हैं।
- जर्मन भाषा का ज्ञान भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संबंधों के संदर्भ में युवाओं के लिए नए अवसरों के रास्ते खोल सकता है।
- देवकरण सैनी के अनुसार, संस्थान भविष्य में भी भाषा शिक्षण, सांस्कृतिक गतिविधियों और करियर मार्गदर्शन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
- तीन दिवसीय कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को जर्मन भाषा सीखने, विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने, सांस्कृतिक अनुभव साझा करने
- और प्रकृति के बीच सामूहिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान किया।
गांवमंच डेस्क
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Edited by – Riddhima


