गांवमंच डेस्क,जयपुर, 18 अगस्त। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली और आर्थिक मजबूती के लिए बीज से बाजार तक कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पीएम-किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम-कुसुम योजना जैसी पहलों के माध्यम से किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम योजना ने देश के किसानों को अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता के रूप में नई पहचान दी है।

पीएम-कुसुम योजना बनी किसानों की अतिरिक्त आय का जरिया
- मुख्यमंत्री ने मंगलवार को पीएम-कुसुम योजना के लाभार्थी किसानों से संवाद किया।
- इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम योजना किसानों के लिए केवल सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने की योजना नहीं है,
- बल्कि यह अतिरिक्त आय, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी बन रही है।
- उन्होंने बताया कि राजस्थान में पीएम-कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी के तहत
- अब तक 5 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता के 2,300 से ज्यादा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
- फीडर स्तर पर स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
- सौर ऊर्जा के क्षेत्र में यह विस्तार प्रदेश को हरित ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक
- किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
- वर्तमान में प्रदेश के 26 जिलों के 3.34 लाख से अधिक किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिल रही है।
- सरकार का लक्ष्य जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराना है।
- कृषि क्षेत्र को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य में विद्युत प्रसारण तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है।
- इसके तहत 400, 220 और 132 केवी क्षमता के 61 ग्रिड सब स्टेशन तथा 33 केवी क्षमता के 498 सब स्टेशन स्थापित किए गए हैं।
- इसके अलावा 12,400 मेगावाट ऑवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने वाली परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा पर सरकार का फोकस
- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और
- उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
- किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया है।
- वहीं, किसानों को बिजली बिलों में 61 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है।
- इसके साथ ही राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना
- के तहत पात्र लाभार्थियों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सरकार का उद्देश्य कृषि और पशुपालन से जुड़े परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
सौर ऊर्जा उत्पादक किसानों से किया सीधा संवाद
- संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा उत्पादक किसानों से उनके अनुभवों पर चर्चा की।
- उन्होंने किसानों से जाना कि पीएम-कुसुम योजना से उनके जीवन और कृषि व्यवस्था में किस तरह के बदलाव आए हैं।
- किसानों ने योजना से मिलने वाले लाभ और सौर ऊर्जा उत्पादन से जुड़े अपने अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।
- कार्यक्रम में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, संबंधित अधिकारी और सौर ऊर्जा उत्पादक किसान मौजूद रहे।
- वहीं जोधपुर, बीकानेर और अजमेर से अधिकारी तथा सौर ऊर्जा उत्पादक किसान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
राजस्थान में सौर ऊर्जा के बढ़ते विस्तार और पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की भागीदारी प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। इससे किसानों को कृषि के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में भी नई संभावनाएं बन रही हैं।
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Edited by – Krishika Agarwal


