गांव मंच, जयपुर 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस राजस्थान जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बड़ा समारोह हुआ। यह राज्य स्तरीय पर्यावरण समारोह था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने प्रदेशवासियों को विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। हर नागरिक इसमें अपना योगदान दे। आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने ‘हरियालो राजस्थान’ की अपील की। विश्व पर्यावरण दिवस राजस्थान उन्होंने मानसून में अधिक पौधे लगाने को कहा। सरकार पर्यावरण को जन आंदोलन बना रही है। इसके लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।

एक पेड़ मां के नाम: राजस्थान देश में अव्वल
मुख्यमंत्री ने पौधरोपण पर बड़ी बात कही। इस अभियान की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- देश में पहला स्थान: राजस्थान इस अभियान में पहले नंबर पर है।
- बड़ा लक्ष्य: राज्य में इस साल 10 करोड़ पौधे लगेंगे।
- पांच साल का प्लान: पांच वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे।
- अब तक का रिकॉर्ड: राज्य में 19 करोड़ पौधे लग चुके हैं।

पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रमुख कार्य
| योजना का नाम | सरकार की विशेष पहल और विकास कार्य |
| नमो चंदन वन | चयनित जिलों में 11-11 हजार पौधे लगेंगे। |
| नमो वन व नर्सरी | प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर स्थापना होगी। |
| बायो-गैस संयंत्र | गोवर्धन योजना के तहत 21 जिलों में शुरुआत। |
| वंदे गंगा अभियान | करीब 4 करोड़ नागरिकों ने योगदान दिया है। |

तकनीक और नए कार्यालयों की सौगात
विश्व पर्यावरण दिवस राजस्थान समारोह में तकनीकी विकास पर जोर दिया गया। अलवर और भिवाड़ी में नई प्रणाली शुरू हुई। यहाँ अर्ली वार्निंग सिस्टम का शुभारंभ हुआ। वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए एमओयू हुआ। यह एमओयू आरएसपीसीबी और सीएसआईआर के बीच हुआ।
मुख्यमंत्री ने 4 क्षेत्रीय कार्यालयों का शिलान्यास किया। उन्होंने 7 नई पौधशालाओं का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 8 विशेष एनक्लोजर्स भी शुरू हुए।

कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान
“प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मिट्टी से जोड़ना है। इसके लिए कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान शुरू हुआ। इसके माध्यम से लोग जल संरक्षण से जुड़ रहे हैं। बिजली और पानी की बचत बहुत जरूरी है। सरकार राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

समारोह में कई कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे। वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। अंत में मुख्यमंत्री ने ‘प्रकृति से प्रेरित’ प्रदर्शनी देखी। उन्होंने पर्यावरण उपकरणों की विस्तृत जानकारी ली।
- राजस्थान में पर्यावरण, वन्यजीव संरक्षण और कैम्पा (CAMPA) योजना के कार्यों की जानकारी के लिए वन विभाग, राजस्थान सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल पर विजिट करें।
- वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), ग्रीन-को रेटिंग और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को देखने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

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नोट:- यह विचार लेखक पत्रकार अंकित तिवारी Ankit Tiwari के है।


