गांवमंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 1989 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी वी. श्रीनिवास को सार्वजनिक प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में काम करने वाले वैश्विक संस्थान इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (IIAS) का अध्यक्ष चुना गया है।
IIAS के अध्यक्ष बनने वाले पहले भारतीय सिविल सर्वेंट
- वी. श्रीनिवास की नियुक्ति को भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
- वह IIAS के अध्यक्ष पद पर चुने जाने वाले पहले भारतीय सिविल सर्वेंट हैं।
- यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय प्रशासनिक अनुभव और सार्वजनिक शासन व्यवस्था की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
- IIAS सार्वजनिक प्रशासन और प्रशासनिक विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग,
- शोध और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाला वैश्विक मंच है।
- ऐसे में इस संस्था के शीर्ष पद पर भारतीय प्रशासनिक अधिकारी का पहुंचना देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तीन दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव
- वी. श्रीनिवास ने भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल होने के बाद तीन दशकों से
- अधिक लंबे करियर में प्रशासन और शासन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है।
- उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव में नीति निर्माण, प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व शामिल रहे हैं।
- राजस्थान के मुख्य सचिव के रूप में भी उनकी भूमिका राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए महत्वपूर्ण रही है।
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर IIAS की अध्यक्षता मिलने के बाद उनके प्रशासनिक अनुभव को वैश्विक स्तर पर साझा करने का अवसर मिलेगा।
केमिकल इंजीनियरिंग में हासिल की उच्च शिक्षा
- वी. श्रीनिवास का शैक्षणिक बैकग्राउंड भी उल्लेखनीय है।
- उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech और M.Tech की डिग्री हासिल की।
- इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में अपना लंबा करियर बनाया।
- इंजीनियरिंग शिक्षा से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर विविध क्षेत्रों में विशेषज्ञता और अनुभव का उदाहरण है।
- तीन दशक से अधिक की सेवा के दौरान उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के
- साथ शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया।
भारत के लिए बढ़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
- वी. श्रीनिवास का IIAS अध्यक्ष चुना जाना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है,
- बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए भी महत्वपूर्ण पहचान है।
- पहली बार किसी भारतीय सिविल सर्वेंट को इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने का अवसर मिला है।
- उनकी नई जिम्मेदारी से भारत को सार्वजनिक प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में अपने अनुभव,
- नवाचार और प्रशासनिक मॉडलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिलेगा।
- साथ ही विभिन्न देशों के प्रशासनिक विशेषज्ञों के साथ सहयोग और ज्ञान-विनिमय को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
Edited by – Riddhima


