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गर्भशक्ति योजना, टांटिया मेडिकल कॉलेज की अनूठी पहल, 10 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ

श्रीगंगानगर। नारी केवल शक्ति का स्वरूप नहीं, बल्कि सृजन, संवेदना और जीवन का आधार भी है। इसी विचार को साकार करते हुए श्रीगंगानगर का डॉ. एस.एस. टांटिया मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान के लिए विशेष पहल कर रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर अस्पताल की ‘गर्भशक्ति’ योजना मातृत्व देखभाल और सामाजिक सरोकारों की मिसाल बनकर सामने आई है।

इस पहल के पीछे टांटिया यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन डॉ. मोहित टांटिया की सोच और नेतृत्व महत्वपूर्ण है। उनका प्रयास चिकित्सा और शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा को भी प्राथमिकता देना है।

गर्भशक्ति योजना से 10 हजार से अधिक महिलाओं को लाभ

  • डॉ. एस.एस. टांटिया मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में गर्भशक्ति योजना की शुरुआत 20 मार्च 2023 को हुई थी।
  • इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशुओं को बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना है।
  • योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की गोलियां निःशुल्क दी जाती हैं।
  • इसके साथ टीटी के इंजेक्शन भी मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • अस्पताल के अनुसार, अब तक 10 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं।
  • यह पहल गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

बेटी के जन्म पर एक किलो देशी घी देकर सम्मान

  • गर्भशक्ति योजना में बालिका के जन्म को भी विशेष महत्व दिया गया है।
  • अस्पताल में बेटी के जन्म पर मां को एक किलो देशी घी देकर सम्मानित किया जाता है।
  • इसका उद्देश्य बेटी के आगमन को खुशी और सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करना है।
  • यह पहल समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और समानता का संदेश देती है।
  • नवरात्र जैसे पर्व पर इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह संदेश देता है कि नारी सम्मान की शुरुआत जन्म से ही होनी चाहिए।

अस्पताल में बालक और बालिकाओं के जन्म के आंकड़े

  • अस्पताल के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक यहां 2,567 बालकों और 2,465 बालिकाओं का जन्म हुआ है।
  • ये आंकड़े अस्पताल में प्रसव सेवाओं के उपयोग को दर्शाते हैं।
  • इसके अतिरिक्त, अस्पताल लाडो और राजश्री जैसी सरकारी योजनाओं के पंजीकरण में भी सहयोग करता है।
  • इससे पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जुड़ने में मदद मिलती है।

कम शुल्क पर उपचार, जनसेवा को प्राथमिकता

  • अस्पताल में जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए कम दरों पर प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
  • यहां ओपीडी शुल्क 10 रुपये और आईपीडी शुल्क 20 रुपये बताया गया है।
  • इसका उद्देश्य मरीजों को कम खर्च में चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।
  • अस्पताल की ये पहलें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की सोच को सामने रखती हैं।
  • गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी सहयोग, टीकाकरण और प्रसव सुविधाओं से जोड़ना मातृ स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

नारी सम्मान और मातृत्व देखभाल का संदेश

  • शारदीय नवरात्र के अवसर पर गर्भशक्ति योजना नारी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देती है।
  • डॉ. मोहित टांटिया के नेतृत्व में यह पहल चिकित्सा सेवाओं के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्व देती है।
  • इसका मूल विचार है कि मातृत्व के दौरान महिलाओं को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि भरोसा, सहयोग और सम्मान भी मिले।
  • गर्भशक्ति योजना इसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

https://nhm.gov.in

https://mohfw.gov.in

Edited by – Riddhima

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