गाँव मंच डेस्क, रियल एस्टेट बाजार में कामर्शियल प्रॉपर्टी को लेकर बदलाव दिख रहा है। तेजी के दौर के बाद खरीदार अब सतर्क नजर आ रहे हैं। संभावित खरीदारों की सक्रियता में भी कमी देखी जा रही है। इससे बाजार में आगे की दिशा को लेकर चर्चा बढ़ी है।
कीमत से ज्यादा अब रिटर्न पर नजर
- अब खरीदार केवल कीमत और लोकेशन नहीं देख रहे हैं।
- वे प्रॉपर्टी के वास्तविक व्यावसायिक उपयोग को भी समझ रहे हैं। किराये की क्षमता भी निर्णय का अहम हिस्सा बन रही है।
- इसके साथ भविष्य के रिटर्न और एग्जिट विकल्प देखे जा रहे हैं।
संभावित करेक्शन को लेकर चर्चा
- यदि कामर्शियल गतिविधियों में सुस्ती बनी रहती है, तो कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।
- ऐसे में प्राइस एडजस्टमेंट देखने को मिल सकता है।
- SRK Consultancy के रियल एस्टेट कंसल्टेंट संजय गुप्ता ने भी संकेत दिया है।
- उनके अनुसार कामर्शियल प्रॉपर्टी में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट संभावित है।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
- मौजूदा दौर में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए।
- “Right Property – Right Location – Right Price” पर ध्यान जरूरी है।
- केवल बाजार की तेजी देखकर निवेश करना जोखिम बढ़ा सकता है। प्रॉपर्टी की वास्तविक वैल्यू समझना ज्यादा जरूरी है।

Edited by- Riddhima


