गाँव मंच डेस्क, यूपीआई भुगतान को लेकर व्यापारिक क्षेत्र में नई बहस शुरू हो गई है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने नए MDR प्रावधानों पर चिंता जताई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त भुगतान लागत नहीं बढ़नी चाहिए।
₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर MDR
- नए ढांचे के तहत ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट P2M लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।
- यह शुल्क ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा।
- वित्त मंत्रालय के अनुसार MDR भुगतान इकोसिस्टम के प्रतिभागियों में वितरित होगा।
- इसमें बैंक और भुगतान सेवा प्रदाता शामिल हैं।
छोटे दुकानदारों को लेकर व्यापार मंडल की चिंता
- व्यापार मंडल ने सब्जी विक्रेताओं और दवा दुकानदारों का मुद्दा उठाया है।
- इसके अलावा चाय विक्रेता और कचौरी दुकानदार भी शामिल हैं। कपड़े, जूते और घरेलू सामान बेचने वाले व्यापारी भी हैं।
- संगठन का कहना है कि छोटे व्यापारियों के मार्जिन सीमित होते हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान की लागत चिंता बढ़ा सकती है।
सरकार ने ग्राहकों के लिए शुल्क से किया इनकार

- वित्त मंत्रालय के अनुसार UPI ग्राहकों के लिए निःशुल्क रहेगा। P2P भुगतान पर भी कोई शुल्क नहीं लगेगा।
- मंत्रालय ने कहा है कि करीब 96 प्रतिशत P2M लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे। MDR को ग्राहक से वसूलने की अनुमति भी नहीं है।
- UPI से जुड़े आधिकारिक अपडेट के लिए वित्त मंत्रालय और PIB की जानकारी देखें।
- डिजिटल भुगतान से जुड़े नियमों के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट भी उपयोगी है।
Edited by- Riddhima


