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राजस्थान में सौर ऊर्जा क्षमता 39.36 GW, बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर भी जोर

जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राज्य की कुल स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 51.95 गीगावाट है। इसमें सौर ऊर्जा की क्षमता 39.36 गीगावाट बताई गई है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े इन आंकड़ों में राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता देश में पहले स्थान पर बताई गई है। वहीं, कुल अक्षय ऊर्जा स्थापना के मामले में राज्य दूसरे स्थान पर है।

राजस्थान में अक्षय ऊर्जा क्षमता का विस्तार

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में राज्य की अक्षय ऊर्जा क्षमता में 27.93 गीगावाट की वृद्धि हुई है। यह विस्तार राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास को दर्शाता है। सौर ऊर्जा के लिए राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण हैं। बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन से स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल सकता है।

बिजली आपूर्ति के लिए बैटरी स्टोरेज सिस्टम

आमजन को बिजली की सुगम आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की स्थापना की योजना है। इसके तहत 1,000/2,000 मेगावाट-घंटे की बैटरी भंडारण प्रणाली स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, 2,500/6,000 मेगावाट-घंटे की बैटरी भंडारण प्रणालियां निर्माणाधीन बताई गई हैं।

ऊर्जा भंडारण से क्या होगा फायदा?

  • सौर ऊर्जा का उत्पादन मौसम और दिन के समय पर निर्भर करता है।
  • ऐसे में बैटरी स्टोरेज सिस्टम अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करने में मदद कर सकते हैं।
  • जरूरत पड़ने पर इस संग्रहित बिजली का उपयोग किया जा सकता है।
  • इससे बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में सहायता मिल सकती है।
  • बैटरी भंडारण प्रणाली अक्षय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
  • हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं की क्षमता, संचालन और ग्रिड से जुड़ाव पर निर्भर करेगा।
  • राजस्थान में सौर ऊर्जा विस्तार के साथ ऊर्जा भंडारण पर ध्यान देना
  • बिजली व्यवस्था को अधिक लचीला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

gaonmanch desk

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https://mnre.gov.in

https://energy.rajasthan.gov.in

Edited by – Riddhima

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