गांव मंच डेस्क, भारत में सोयाबीन बाजार इन दिनों महत्वपूर्ण बदलावों से गुजर रहा है। घरेलू कीमतों में तेजी ने आयात को बढ़ावा दिया है। सोयाबीन आयात अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे खाद्य तेल उद्योग और किसानों का ध्यान आकर्षित हुआ है। बाजार में कीमतों और आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं।
घरेलू कीमतों में तेजी से बढ़ा आयात
भारत में सोयाबीन की मांग लगातार बनी हुई है। इसका इस्तेमाल खाद्य तेल और पशु आहार उत्पादन में होता है। घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ने से आयात आकर्षक हुआ है। व्यापारी अब विदेशी बाजारों से सोयाबीन खरीदने पर जोर दे रहे हैं। इससे भारत की आयात निर्भरता बढ़ने की संभावना है।
2025-26 में आयात ने बनाया नया रिकॉर्ड
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) के अनुसार, आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 11 लाख टन सोयाबीन आयात किया। पिछले वर्ष यह आंकड़ा लगभग 2 हजार टन था। इस तरह आयात में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज हुई।
नाइजर से आयात पर सीमा शुल्क विभाग की सख्ती

- सोयाबीन आयात के बीच नाइजर का मामला चर्चा में है।
- भारतीय सीमा शुल्क अधिकारियों ने कुछ आयात खेपों की जांच शुरू की है।
- अधिकारियों को उनके वास्तविक मूल देश पर संदेह है।
- आशंका है कि कुछ खेप नाइजीरिया से भेजी गईं। उन्हें नाइजर का बताकर शुल्क छूट लेने की कोशिश हुई।
Edited by- Riddhima


