गांव मंच डेस्क,मध्य प्रदेश |मुर्गी पालन से बनीं लखपति दीदी की यह प्रेरक कहानी मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से सामने आई है।
तीन युवतियों ने पोल्ट्री फार्म शुरू कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश की है।
मुर्गी पालन से बनीं लखपति दीदी का संघर्ष और सफलता
हंसपुर गांव की रहने वाली पार्वती आर्मो ने वर्ष 2023 में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर स्वरोजगार की शुरुआत की।
उन्होंने पहले एक लाख रुपये का ऋण लिया और बाद में प्रशिक्षण प्राप्त कर आधुनिक पोल्ट्री फार्म स्थापित किया।
आज उनके पोल्ट्री फार्म में करीब 3 हजार चूजे हैं और वे अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
प्रशिक्षण और ऋण से मिली सफलता
पार्वती ने कृषि उद्यमी प्रशिक्षण के साथ तकनीकी कौशल भी हासिल किया।
इसके बाद उन्होंने छह लाख रुपये का ऋण लेकर 4 हजार वर्गफीट क्षेत्र में पोल्ट्री फार्म शुरू किया।
आज वे अपने परिवार का बेहतर पालन-पोषण कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।

दीपिका और मुस्कान ने भी रची सफलता की कहानी
कुण्डम तहसील की दीपिका गोटिया और मुस्कान ने भी आजीविका मिशन के सहयोग से मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू किया |
दोनों ने 2.80 लाख रुपये के ऋण से देशी नस्ल की मुर्गियों का पोल्ट्री फार्म स्थापित किया और आज सफलतापूर्वक इसका संचालन कर रही हैं।
हर महीने हो रही अतिरिक्त कमाई
पहले सिलाई कार्य से सीमित आय अर्जित करने वाली दीपिका और मुस्कान अब मुर्गी पालन से हर महीने 10 से 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय कमा रही हैं।
गांव में लोग उन्हें सम्मान के साथ ‘लखपति दीदी’ के नाम से जानते हैं।
महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
पार्वती, दीपिका और मुस्कान की सफलता यह साबित करती है
कि सही प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मेहनत के बल पर ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
उनकी कहानी आज महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई है।
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लेखिका- हीना शर्मा


