गांव मंच डेस्क, महाराष्ट्र केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को राहत देने के लिए खरीद मूल्य बढ़ा दिया है। सरकार ने 13 जून 2026 से न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) ₹1,650 प्रति क्विंटल तय किया है। यह दर पहले ₹1,580 प्रति क्विंटल थी। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसकी घोषणा की। सरकार का कहना है कि यह फैसला मौजूदा मंडी भाव और भंडारण योग्य प्याज की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर लिया गया है।
बफर स्टॉक के लिए होगी खरीद
सरकार हर साल मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत प्याज का बफर स्टॉक तैयार करती है। इसका उपयोग बाजार में हस्तक्षेप के लिए किया जाता है। वर्ष 2026-27 के लिए दो लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में तीन लाख टन प्याज की खरीद हुई थी। इस सीजन में खरीद प्रक्रिया 15 मई से शुरू हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखना है।

महाराष्ट्र के किसानों की मांग जारी
देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में किसान अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। किसान संगठनों का कहना है कि मौजूदा खरीद दर उत्पादन लागत के मुकाबले बहुत कम है। किसानों ने न्यूनतम खरीद मूल्य ₹3,000 प्रति क्विंटल यानी ₹30 प्रति किलो तय करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ी है। ऐसे में मौजूदा दर पर उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा।
नाफेड और एनसीसीएफ की खरीद पर सवाल
किसानों का आरोप है कि नाफेड और एनसीसीएफ द्वारा दी जा रही कीमत बाजार की उम्मीदों से कम है। महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमों में कुछ ढील जरूर दी गई है, लेकिन किसानों की आर्थिक स्थिति में खास सुधार नहीं हुआ। उनका मानना है कि असली राहत तब मिलेगी, जब बाजार में प्याज के दाम स्थायी रूप से बढ़ेंगे।
उत्पादन स्थिर, कीमतों पर नजर
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में देश का प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष यह 307.67 लाख टन था। उत्पादन में बड़ी गिरावट नहीं आई है। हालांकि, सरकार और किसान दोनों की नजर अब बाजार कीमतों पर है। आने वाले महीनों में मांग और आपूर्ति की स्थिति प्याज के भाव तय करेगी।
Edited by- Krishika Agarwal


