यादगीर। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक के यादगीर जिले में देश के पहले महिला संचालित एग्रो-प्रोसेसिंग सेंटर का उद्घाटन किया।
- यह केंद्र किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
- इस एग्रो-प्रोसेसिंग सेंटर का संचालन ‘बड्डेपल्ली महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड’ द्वारा किया जाएगा।
- इस किसान उत्पादक संगठन (FPO) में 727 महिला सदस्य शामिल हैं। यह पहल महिलाओं को खेती से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक पूरी वैल्यू चेन में भागीदारी का अवसर देगी।
मूंगफली से बनेगा वैल्यू एडेड उत्पाद
- यादगीर जिले में बड़े पैमाने पर मूंगफली का उत्पादन होता है।
- नए केंद्र में मूंगफली से पीनट बटर, मूंगफली तेल, भुनी और नमकीन मूंगफली तथा डी-ऑइल्ड केक जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
- इससे किसानों को कच्ची उपज बेचने के बजाय बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी।
किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण और बाजार
- यह केंद्र केवल प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि FPO, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्रामीण युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम करेगा।
- उत्पादों की बिक्री के लिए ई-कॉमर्स, क्विक-कॉमर्स और ONDC जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की नई मिसाल
- उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह केंद्र महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगा।
- इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल
- नाबार्ड की सहायता से स्थापित यह केंद्र हर साल लगभग 480 मीट्रिक टन मूंगफली की प्रोसेसिंग करने में सक्षम होगा।
- इसके साथ ही यह कृषि आधारित उद्योगों और किसान स्वामित्व वाले उद्यमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह सुचना यहां से प्राप्त हुई हैं। https://www.krishakjagat.org/
लेखिका- तनु रूंगटा


