मरूधरा के गांव-ढाणी तक पहुंची डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति; देश में 90 करोड़ ‘आभा’ खातों का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड। अब राजस्थानवासियों को अस्पताल में मेडिकल फाइलें और पर्चियां साथ रखने के झंझट से मिलेगी मुक्ति।
गांव मंच, दिल्ली। राजस्थान ने स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलाइजेशन में एक नया और गौरवशाली मुकाम हासिल किया है। प्रदेश के सुदूर गांव-ढाणी तक पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाते हुए, राजस्थान 7 करोड़ 19 लाख से अधिक ‘आभा’ (ABHA – आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) आईडी के साथ पूरे देश में दूसरे स्थान पर आ गया है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2026 में इन खातों का आंकड़ा 90 करोड़ को पार कर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बन चुका है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश के चिकित्सा तंत्र में तेजी से तकनीकी नवाचार हो रहे हैं। मरुधरा के हर नागरिक को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। साल 2021 में देश में जहां मात्र 14.7 करोड़ आभा खाते थे, वहीं अब यह संख्या 90 करोड़ के पार पहुंच गई है, जो इस मिशन की अपार सफलता को दर्शाती है।
क्या है ‘आभा’ (ABHA) आईडी और इसके फायदे?
‘आभा’ 14 अंकों की एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी है, जो मरीज, डॉक्टर और अस्पताल को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है।
कागजी झंझट से मुक्ति: मरीज की लैब रिपोर्ट, दवाओं की पर्चियां और पुरानी बीमारियों का पूरा ब्यौरा इस आईडी में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है।
सटीक और त्वरित इलाज: डॉक्टर मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री आसानी से देखकर समझ सकते हैं, जिससे सही समय पर सटीक उपचार संभव हो पाता है।
पूर्ण गोपनीयता और नियंत्रण: मरीज का पूरा डेटा सुरक्षित होता है। रोगी की अनुमति के बिना कोई भी अस्पताल या डॉक्टर यह रिकॉर्ड नहीं देख सकता।
आईएचएमएस (IHMS) सॉफ्टवेयर के जरिए अस्पतालों को आभा आईडी से लिंक किया गया है। अब प्रदेश के बाशिंदों को इलाज के लिए पर्चियों और भारी-भरकम फाइलों का गट्ठर लेकर घूमने की जरूरत नहीं है; बस उनका 14 अंकों का ‘आभा’ नंबर ही उनके स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।


