गाँव मंच डेस्क, बाड़मेर, 3 सितंबर 2026। राजस्थान के बाड़मेर जिले में चारा संकट गहराने लगा है। कम बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक परेशान हैं। चारागाहों में पर्याप्त घास उपलब्ध नहीं हो पाई है। कृषि भूमि से भी चारे की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
पशुपालकों के सामने बढ़ी परेशानी
- शिव विधानसभा क्षेत्र में पशुपालन आजीविका का प्रमुख साधन है।
- बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार पशुधन पर निर्भर हैं।
- कम बारिश ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चारागाहों में प्राकृतिक चारे की कमी दिख रही है।
- ऐसे में पशुपालकों को चारा जुटाना मुश्किल हो रहा है।
तत्काल सर्वे कराने की मांग
- विधायक भाटी ने क्षेत्र की स्थिति का सर्वे मांगा है। उन्होंने मौजूदा हालात का आकलन कराने की मांग की है।
- इससे चारा संकट की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके आधार पर राहत कार्य शुरू किए जा सकेंगे।
- भाटी ने पत्र में शिव क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बताई। यह क्षेत्र काफी विस्तृत और सीमावर्ती है।
- यहां पशुपालन पर बड़ी आबादी निर्भर है। बारिश की कमी से स्थिति चुनौतीपूर्ण हुई है।
पशु चारा शिविर शुरू करने की अपील

विधायक ने जरूरत के अनुसार चारा शिविर शुरू करने को कहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई का आग्रह किया है। उनका कहना है कि समय पर चारा मिलना जरूरी है। इससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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Edited by- Krishika Agarwal


