गाँव मंच डेस्क, गाजियाबाद में जीडीए कार्यालय पर किसानों का प्रदर्शन सोमवार को उस समय तेज हो गया। जब मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित किसानों ने जीडीए के निर्माणाधीन कार्यालय पहुंचकर काम रुकवा दिया। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया। चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
एक समान मुआवजे की मांग को लेकर नाराज किसान
- किसानों का कहना है कि उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार उचि। एक समान मुआवजा मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
मधुबन बापूधाम योजना से जुड़े हैं हजारों किसान
- गौरतलब है कि जीडीए ने वर्ष 2004 । में छह गांवों की करीब 1,234 एकड़ जमीन पर मधुबन बापूधाम योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत लगभग 800 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया था। प्रभावित किसानों को 6 प्रतिशत और 4 प्रतिशत। हिसाब से विकसित आवासीय भूखंड आवंटित किए गए थे।
- हालांकि किसानों का कहना है कि मौजूदा समय। में उन्हें नए कानून के अनुसार बढ़ा हुआ मुआवजा मिलना चाहिए। उनकी अन्य लंबित मांगों का भी समाधान किया जाना चाहिए।

कमेटी गठन में देरी से बढ़ा किसानों का आक्रोश
- प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि जीडीए उपाध्यक्ष। ने पिछली बैठक में सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया था। लेकिन अब तक कमेटी का गठन नहीं किया गया है।
- किसानों के अनुसार यह कमेटी आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क। और अतिरिक्त शुल्क जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लेने वाली थी। कमेटी का गठन न होने से किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
- धरने पर बैठे किसानों ने स्पष्ट कहा। कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती। तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के कारण निर्माणाधीन कार्यालय का काम भी प्रभावित हुआ। और कुछ समय के लिए निर्माण कार्य पूरी तरह ठप रहा।
- किसानों का कहना है कि वे लंबे समय। से अपनी समस्याओं के समाधान का इंतजार कर रहे हैं। और अब जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA)
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