गांवमंच डेस्क, जयपुर
- करीब दो सप्ताह तक धीमी गति से आगे बढ़ने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है।
- मौसम विभाग के अनुसार अब मानसून मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है,
- जिससे खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
- लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
कई राज्यों में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
- मानसून से किसानों को राहत मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून अब महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और ओडिशा के कई हिस्सों में आगे बढ़ चुका है।
- आने वाले दिनों में पश्चिमी तट और मध्य भारत के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
- इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और धान, मक्का, सोयाबीन, कपास तथा दलहनी फसलों की बुवाई को फायदा मिलेगा।

मानसून से किसानों को राहत आसमान की हर आहट पर टिकी है किसान की उम्मीद।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है मानसून?
- भारत में जून से सितंबर तक चलने वाला मानसून देश की कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा देता है।
- देश की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है और लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ी है।
- ऐसे में समय पर और पर्याप्त बारिश किसानों की आय, फसल उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।
बारिश अब भी सामान्य से कम
- हालांकि मानसून ने दोबारा गति पकड़ ली है,
- लेकिन जून के पहले 21 दिनों में देश में सामान्य से लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
- मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार होगा,
- लेकिन किसानों को अभी भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
- विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर होने वाली बारिश खरीफ सीजन की बुवाई को पटरी पर ला सकती है।
किसानों के लिए सलाह
- कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि जहां पर्याप्त वर्षा हो चुकी है
- वहां खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सकती है।
- वहीं जिन क्षेत्रों में अभी बारिश कम हुई है,
- वहां बुवाई से पहले मिट्टी में पर्याप्त नमी सुनिश्चित करना जरूरी है।
- तेज बारिश और आंधी की संभावना वाले क्षेत्रों में कटे हुए चारे,
- बीज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की भी सलाह दी गई है।
- कुल मिलाकर, मानसून की वापसी ने किसानों की उम्मीदों को फिर से मजबूत किया है।
- यदि आने वाले दिनों में बारिश का यह क्रम जारी रहता है
- तो खरीफ सीजन के लिए यह बेहद सकारात्मक संकेत माना जाएगा।
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India Meteorological Department (IMD)
Ministry of Agriculture & Farmers Welfare
Edited by – Riddhima


