गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 2 सितम्बर। राजस्थान में खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में अभियान चल रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी इसकी निगरानी कर रहे हैं। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत कार्रवाई हुई है।
पांच खाद्य उत्पादों की बिक्री पर दो माह की रोक
- अगस्त में अलग-अलग जिलों से खाद्य नमूने लिए गए थे। इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई गई।
- जांच में पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पाद असुरक्षित पाए गए। इनके वितरण और बिक्री पर रोक लगाई गई है।
- यह रोक पूरे राजस्थान में दो महीने लागू रहेगी।
नौ खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित
- असुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलने पर नौ प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। इनके खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
- कार्रवाई बाड़मेर, चूरू, बीकानेर, अजमेर और टोंक में हुई।
- इनमें मिर्च पाउडर, चाय और फ्राइड मटर शामिल हैं।
तीन प्रतिष्ठानों के रजिस्ट्रेशन भी निरस्त
- जयपुर में तीन प्रतिष्ठानों पर भी कड़ी कार्रवाई हुई।
- इन पर पहले लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई हो चुकी थी।
- इसके बावजूद कारोबार जारी रखने का मामला सामने आया।
- वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर कार्रवाई हुई।
खाद्य खरीदते समय सावधानी जरूरी

विभाग ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। उपभोक्ताओं को पैकेजिंग और लेबल जरूर जांचना चाहिए। ब्रांड और बैच नंबर भी ध्यान से देखना चाहिए। निर्माण और वैधता की तारीख भी जांचनी चाहिए।
Edited by- Riddhima


