गांव मंच डेस्क, जयपुर, 4 सितंबर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर नगर निकाय चुनाव में देरी, विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं, सफाई व्यवस्था और स्थानीय निकायों को मिलने वाली ग्रांट को लेकर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए 10 सूत्रीय संकल्प भी जारी किया।
डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर न्यायालय के समक्ष अवमानना का मामला सामने आया और इसके बाद चुनाव का कैलेंडर जारी हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लंबे समय तक नगर निकायों में निर्वाचित बोर्ड के स्थान पर प्रशासक नियुक्त कर ब्यूरोक्रेसी के माध्यम से कामकाज चलाया।
परिसीमन और आरक्षण को लेकर कांग्रेस के सवाल
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनावों में देरी के साथ वार्डों का परिसीमन भी विवादों में रहा।
- उनके अनुसार, कई स्थानों पर वार्डों के गठन में बड़े बदलाव किए गए,
- जिससे अलग-अलग वार्डों में मतदाताओं की संख्या में काफी अंतर देखने को मिला।
- डोटासरा ने ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
- उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया में बदलाव किया गया
- और नगर निगम, नगर परिषद तथा नगरपालिका के लिए आरक्षण प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस को आपत्ति है।
- उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 10 नगर निगमों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए कोई आरक्षण नहीं है,
- जबकि ओबीसी वर्ग के लिए केवल एक महिला सीट आरक्षित हुई है।
- कांग्रेस ने छोटे निकायों में आरक्षण के प्रतिशत को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

जयपुर की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया
- गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा
- कि लंबे समय से जयपुर में भाजपा का बोर्ड रहा है,
- इसके बावजूद शहर में सड़क, यातायात, सफाई और आवारा पशुओं जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
- उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह सड़कें खराब हैं और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का सामान्य आवागमन प्रभावित हो रहा है।
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जयपुर में बंदरों और आवारा पशुओं की समस्या के साथ-साथ भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए।
- डोटासरा ने कहा कि नगर निगम और जेडीए सहित शहरी निकायों में भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं।
- उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि शहर में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हैं तथा सफाई व्यवस्था प्रभावी नहीं है।
सफाई कर्मचारियों की भर्ती पर भी भाजपा को घेरा
- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती
- कांग्रेस सरकार के समय 24 हजार से अधिक सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।
- उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने इस भर्ती को लेकर दोबारा विज्ञापन जारी किए, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
- डोटासरा ने अगस्त में जारी भर्ती के नियमों और शर्तों पर भी सवाल उठाए।
- उन्होंने दावा किया कि कड़ी शर्तों के कारण आवेदन करने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
- कांग्रेस ने मांग की कि सफाई कर्मचारियों की भर्ती को प्रभावी तरीके से पूरा किया जाए।
एक लाख प्लॉट और पीएनजी कनेक्शन के वादे पर सवाल
- नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर भाजपा की ओर से किए जा रहे वादों को लेकर भी डोटासरा ने सवाल उठाए।
- उन्होंने एक लाख प्लॉट और सात लाख पीएनजी कनेक्शन देने की घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि
- यदि ये घोषणाएं विधानसभा चुनाव के समय भी की गई थीं तो अब तक इन पर कितना काम हुआ, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
- डोटासरा ने पीएनजी कनेक्शन की योजना को पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय शुरू किए गए कार्यों से जोड़ते हुए
- कहा कि भाजपा को पिछली सरकार के कार्यों को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश नहीं करना चाहिए।
नगर निकायों की ग्रांट को लेकर सरकार पर आरोप
- कांग्रेस ने नगर निकायों को मिलने वाली विभिन्न ग्रांट की राशि को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
- डोटासरा ने 15वें वित्त आयोग, छठे वित्त आयोग और बेसिक ग्रांट सहित विभिन्न मदों में देय एवं जारी राशि का उल्लेख करते हुए
- कहा कि निकायों को अपेक्षित राशि नहीं मिलने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान विभिन्न मदों में देय राशि की तुलना में कम राशि जारी की गई।
- कांग्रेस ने सरकार से निकायों को उनकी देय ग्रांट समय पर उपलब्ध कराने की मांग की।
कांग्रेस ने निकाय चुनाव के लिए जारी किया 10 सूत्रीय संकल्प
प्रेसवार्ता में कांग्रेस ने नगर निकाय चुनावों के बाद स्थानीय सरकारों में सुशासन और विकास को लेकर 10 प्रमुख संकल्पों की घोषणा की।
कांग्रेस के प्रमुख संकल्प:
- पट्टा वितरण: पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के अभियान की तर्ज पर पट्टों का वितरण करने और कच्ची बस्तियों के नियमन सहित धारा 69-ए एवं भूमि रूपांतरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प।
- यूडी टैक्स: यूडी टैक्स की समीक्षा कर इसे जनहित में तर्कसंगत बनाने तथा सीसी रोड और जल निकासी की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात।
- सफाई कर्मचारियों की भर्ती: लंबित सफाई कर्मचारी भर्ती पूरी करने और आवश्यकता के अनुसार हर वर्ष नई भर्तियां निकालने का वादा।
- घर-घर कचरा संग्रहण: घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को नि:शुल्क करने और इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का संकल्प।
- सीवरेज: जहां सीवरेज लाइन उपलब्ध नहीं है, वहां नई सीवरेज लाइन बिछाने की बात।
- एसटीपी निर्माण: आवश्यकता के अनुसार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी स्थापित करने का संकल्प।
- मास्टर प्लान: जिन क्षेत्रों में मास्टर प्लान नहीं है, वहां आमजन से सुझाव लेकर मास्टर प्लान तैयार करने की बात।
- स्ट्रीट लाइट: शहरों में स्ट्रीट लाइट और एलईडी लाइट की बेहतर व्यवस्था करने का वादा।
- ऑनलाइन पारदर्शिता: नगर निकायों के कार्यों, नियमों और उनकी प्रगति की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराने तथा नागरिकों के आवेदन ऑनलाइन लेने की व्यवस्था करने का संकल्प।
- शहरी आधारभूत ढांचा: स्थानीय जरूरत के अनुसार सड़क, जल निकासी और अन्य मूलभूत ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने की बात।
कांग्रेस ने प्रत्याशियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व का दावा किया
- डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस ने स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं की
- सहमति के आधार पर नगर निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशी तय किए हैं।
- उन्होंने पार्टी के प्रत्याशियों में युवाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी के आंकड़े भी सामने रखे।
- कांग्रेस के अनुसार, 40 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 49.33 प्रतिशत
- और 50 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशियों की हिस्सेदारी 76.25 प्रतिशत है।
- पार्टी ने ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्गों को भी
- उनके आरक्षण प्रतिशत की तुलना में अधिक प्रतिनिधित्व देने का दावा किया।
नामांकन प्रक्रिया में सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
- डोटासरा ने निकाय चुनावों की नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने देशनोक, मालपुरा, डीग, पाली, नाथद्वारा, भरतपुर, भीलवाड़ा और बसेड़ी सहित कई स्थानों का उल्लेख करते हुए
- कहा कि कांग्रेस प्रत्याशियों पर दबाव बनाने और नामांकन प्रक्रिया में बाधा डालने की शिकायतें सामने आई हैं।
- देशनोक में कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश मूंदड़ा के खिलाफ एसीबी कार्रवाई का उल्लेख करते हुए
- डोटासरा ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव नहीं लड़ने के लिए दबाव में लिया जा रहा है।
- हालांकि, ये सभी आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष द्वारा प्रेसवार्ता में लगाए गए हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस ने बनाई रणनीति
- कांग्रेस ने कहा कि सभी 309 निकायों के लिए जिला कांग्रेस कमेटियों की ओर से स्थानीय मुद्दों को शामिल करते हुए
- अलग-अलग घोषणा पत्र जारी किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सड़क, सफाई, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पट्टा वितरण
- और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को चुनाव अभियान में प्रमुखता दी जाएगी।
- डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस नगर निकाय चुनाव के बाद स्थानीय सरकारों के माध्यम से सुशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा सरकार के कथित कुशासन और भ्रष्टाचार के मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाएगी।
- राजस्थान में नगर निकाय चुनावों को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला
- अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ शासन, विकास, सफाई व्यवस्था, भ्रष्टाचार
- और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर केंद्रित होता दिखाई दे रहा है।
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https://www.lsg.urban.rajasthan.gov.in/content/raj/udh/en/LSG/LSG/about-us/introduction.html
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Edited by – Riddhima


