गाँव मंच डेस्क, जयपुर, 3 सितंबर। राजस्थान में बैंकिंग क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और एसएलबीसी अध्यक्ष संजय वी. मुदालियर की सह-अध्यक्षता में बैठक हुई। यह राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 170वीं बैठक थी। बैठक में क्रेडिट ग्रोथ और वित्तीय समावेशन पर चर्चा हुई।
वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने पर जोर
- मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बैंकों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय समावेशन पर जोर देने की बात कही।
- उन्होंने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ के साथ समावेशन जरूरी है। इससे हर वर्ग तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच सकेंगी।
- उन्होंने बैंकों को सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए।
- उन्होंने रोजगारोन्मुखी योजनाओं में ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर दिया।
- इससे प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल सकती है।

विकसित राजस्थान-2047 में बैंकों की भूमिका
- मुख्य सचिव ने ‘विकसित राजस्थान-2047’ का भी उल्लेख किया।
- उन्होंने बैंकों से इसके लक्ष्यों में भागीदारी की अपील की। उन्होंने चार प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
- इनमें युवा शक्ति और नारी शक्ति शामिल हैं। अन्नदाता और सुशासन भी इसके प्रमुख स्तंभ हैं।
- उन्होंने कहा कि बैंक इन क्षेत्रों को मजबूत करें। इससे समाज के हर वर्ग तक वित्तीय सेवाएं पहुंचेंगी।




बैठक में सदस्य बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। विभिन्न लक्ष्यों और व्यावसायिक मानकों पर चर्चा हुई। बैंकों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई। आगामी तिमाहियों में भी बेहतर प्रदर्शन जारी रखने को कहा गया। बैठक में लंबित बैंकिंग मामलों पर भी चर्चा हुई। केंद्र और राज्य विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। RBI और राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने प्रस्तुतीकरण दिए।
Edited by- Krishika Agarwal


