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आईआईटी की नौकरी छोड़ शुरू की ऑर्गेनिक एवोकाडो खेती, अब हर किलो फल ₹200 में बेचकर बना रहे मिसाल

गांवमंच डेस्क, बॉम्बे अच्छी नौकरी और सफल करियर छोड़ना आसान नहीं होता। लेकिन IIT Bombay से पीएचडी करने वाले डॉ. नागेंद्रप्पा बिरादर ने यह साहसिक फैसला लिया। उन्होंने करीब 30 वर्षों तक शिक्षा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव, कर्नाटक लौटकर खेती को जीवन का नया उद्देश्य बनाया।

15 एकड़ में तैयार किया रसायन मुक्त फलों का बाग

  • गांव लौटने के बाद डॉ. बिरादर ने अपनी 15 एकड़ जमीन को आधुनिक और प्राकृतिक खेती का मॉडल बना दिया।
  • उन्होंने यहां ऑर्गेनिक एवोकाडो खेती के साथ कई विदेशी फलों की भी खेती शुरू की।
  • पूरे बाग में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता।

₹200 प्रति किलो बिक रहा प्रीमियम एवोकाडो

  • डॉ. बिरादर की मेहनत का परिणाम अब साफ दिखाई देता है। उनके बाग में तैयार होने वाला प्रीमियम एवोकाडो बाजार में लगभग ₹200 प्रति किलो तक बिकता है।
  • बेहतर स्वाद, उच्च गुणवत्ता और रसायन मुक्त उत्पादन ने उनके फलों को अलग पहचान दिलाई है।
  • बढ़ती मांग के कारण उनकी खेती लगातार लाभदायक साबित हो रही है।

दूसरे किसानों को भी बना रहे आत्मनिर्भर

  • डॉ. नागेंद्रप्पा बिरादर अपनी सफलता को केवल अपने तक सीमित नहीं रखना चाहते।
  • वे आसपास के किसानों को प्राकृतिक खेती और बागवानी की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी देते हैं।
  • वे किसानों को बताते हैं कि कम रसायनों और बेहतर प्रबंधन के जरिए अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है।

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Edited by- Riddhima

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