गांव मंच जयपुर, डेस्क 16 अप्रैल | आम की खेती कैसे की सही जानकारी आज किसानों के लिए बेहद जरूरी हो गई है। पारंपरिक खेती के साथ अब किसान बागवानी की ओर भी बढ़ रहे हैं। देश के कई हिस्सों में किसान अब पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिसमें आम की खेती सबसे भरोसेमंद विकल्प मानी जाती है। सही समय, सही किस्म और थोड़ी तकनीकी समझ के साथ यह खेती लंबे समय तक अच्छी आमदनी दे सकती है।
किस मौसम में लगाएं आम का बाग
आम के पौधे लगाने का सबसे सही समय मानसून की शुरुआत, यानी जून से जुलाई के बीच माना जाता है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार:
- इस समय मिट्टी में नमी बनी रहती है
- पौधों की जड़ें तेजी से पकड़ बनाती हैं
- शुरुआती सिंचाई का खर्च भी कम होता है
- कुछ क्षेत्रों में फरवरी–मार्च में भी रोपाई की जाती है, लेकिन वहां सिंचाई की व्यवस्था मजबूत होनी जरूरी होती है।

किस तरह की जमीन और मौसम चाहिए
- आम की फसल को बहुत ज्यादा ठंड या पानी भराव पसंद नहीं होता।
- तापमान 24–30 डिग्री के बीच अच्छा रहता है
- दोमट या हल्की बलुई मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है
- जमीन में पानी रुकना नहीं चाहिए
- उत्तर भारत, खासकर राजस्थान, यूपी और बिहार के कई जिलों में इसकी खेती तेजी से बढ़ रही है।
कौन-सी किस्म ज्यादा फायदेमंद रहती है
किसानों के अनुभव और कृषि विभाग की सलाह के अनुसार कुछ किस्में बाजार में ज्यादा चलती हैं:
- दशहरी – उत्तर भारत में सबसे ज्यादा उगाई जाती है
- लंगड़ा – स्वाद और मांग दोनों में मजबूत
- केसर – गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय
- अल्फांसो – महंगी और निर्यात के लिए बेहतर
- एक हेक्टेयर में औसतन 100–120 पौधे लगाए जा सकते हैं।
कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि आम की खेती कैसे सही तरीके से की जाए, यह समझना ज्यादा उत्पादन के लिए जरूरी है।
पौध रोपाई का सही तरीका क्या है
- किसान अगर शुरुआत सही करें तो आधा काम वहीं हो जाता है।
- गड्ढा करीब 1 मीटर गहरा रखें
- उसमें 20–25 किलो गोबर खाद मिलाएं
- पौधों के बीच 8–10 मीटर दूरी रखें
- कई किसान अब हाई-डेंसिटी प्लांटेशन भी अपना रहे हैं, जिससे कम जगह में ज्यादा पौधे लगाए जा रहे हैं।
खाद, पानी और देखभाल कैसे करें
- पहले 2–3 साल पौधे की देखभाल सबसे जरूरी होती है।
- नियमित सिंचाई करें, खासकर गर्मियों में
- साल में 1–2 बार जैविक खाद डालें
- ज्यादा रासायनिक खाद से बचें
- कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि संतुलित पोषण देने से फल की गुणवत्ता बेहतर होती है।
कीट और रोग से कैसे बचाएं
- आम में खासतौर पर हॉपर, मिलीबग और पाउडरी मिल्ड्यू जैसी समस्याएं आती हैं।
- समय पर दवा का छिड़काव करें
- बगीचे की सफाई रखें
- प्रभावित शाखाओं को हटा दें
- अगर समय पर नियंत्रण कर लिया जाए तो नुकसान काफी कम हो जाता है।
कितनी पैदावार और मुनाफा मिल सकता है
- आम का पेड़ आमतौर पर 3–4 साल बाद फल देना शुरू करता है।
- एक पेड़ से 50 से 200 किलो तक उत्पादन
- एक हेक्टेयर से 8–10 टन तक उपज संभव
- बाजार में अच्छी किस्म का आम 20 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है
- कई राज्यों में किसान आम की खेती से सालाना लाखों रुपये तक कमा रहे हैं।
“एग्रीकल्चर डेटा और गाइड के लिए Indian Council of Agricultural Research की वेबसाइट उपयोगी है ।”
“आम की खेती और बागवानी से जुड़ी जानकारी के लिए Ministry of Agriculture and Farmers Welfare की वेबसाइट देखें ।”
अगर किसान आम की खेती कैसे करें यह सही तरीके से समझ लें, तो वे अच्छी कमाई कर सकते हैं।
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– Manisha Bhambhu , Journalist


