जयपुर, 19 अगस्त। राजस्थान में केयर इकोनॉमी को सुदृढ़ और समावेशी बनाने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से राज्य स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बुधवार को निदेशालय सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने की। बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों, विकास सहयोगी संस्थाओं और केयर सेक्टर से जुड़े हितधारकों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण सेवाओं पर जोर
- बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने केयर इकोनॉमी
- के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और
- अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ देखभाल सेवाओं को मजबूत
- करना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।
- उन्होंने विभिन्न विभागों और संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और
- अभिसरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
- उनके अनुसार, प्रभावी समन्वय के माध्यम से देखभाल सेवाओं को अधिक व्यापक
- और जरूरतमंद लोगों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
केयर इकोनॉमी को समावेशी बनाने पर सुझाव
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव
- ललित कुमार ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में केयर इकोनॉमी को मजबूत
- और समावेशी बनाने के लिए विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव और अनुशंसाएं प्राप्त करना है।
- उन्होंने बताया कि बैठक में जमीनी स्तर पर केयर इकोनॉमी के क्षेत्र में सामने आ रही प्रमुख चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
- इसके साथ ही इन चुनौतियों के समाधान और देखभाल सेवाओं को अधिक
- प्रभावी तथा सुलभ बनाने के संभावित उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सफल मॉडल और बेस्ट प्रैक्टिस पर चर्चा
- बैठक के दौरान राज्य में संचालित सफल मॉडलों, नवाचारों और बेस्ट प्रैक्टिस पर भी चर्चा की गई।
- ऐसे मॉडलों की पहचान पर जोर दिया गया, जिनमें व्यापक स्तर पर लागू
- किए जाने और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं।
- हितधारकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए केयर सेक्टर को अधिक प्रभावी
- बनाने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा में सेवा प्रदाय प्रणाली को
- बेहतर बनाने और जरूरतमंद वर्गों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप सेवाओं को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
नीतिगत और क्रियान्वयन संबंधी मुद्दों पर मंथन
- केयर इकोनॉमी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत और क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर भी व्यापक चर्चा हुई।
- इसमें संस्थागत व्यवस्था, वित्तीय संसाधन, कौशल विकास, सेवा प्रदाय प्रणाली,
- विभागों के बीच अभिसरण और प्रभावी निगरानी व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।
- बैठक में मौजूद प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र के अनुभवों के आधार पर सुझाव दिए।
- इन सुझावों का उद्देश्य राज्य में देखभाल सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और प्रभावशीलता को बेहतर बनाना है।
केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी अनुशंसाएं
- ललित कुमार ने बताया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और अनुशंसाओं का संकलन किया जाएगा।
- इसके बाद इन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को अग्रेषित किया जाएगा।
- इन सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर केयर इकोनॉमी से संबंधित नीतियों और
- भविष्य की कार्ययोजना तैयार करते समय विचार में लिया जा सकेगा।
- बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा गैर-सरकारी संगठनों,
- विकास सहयोगी संस्थाओं और केयर सेक्टर से जुड़े अन्य हितधारकों ने सक्रिय भागीदारी की।
- सभी प्रतिभागियों ने केयर इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
- बैठक को राजस्थान में समावेशी और प्रभावी देखभाल व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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Edited by – Krishika Agarwal


