गाँवमंच डेस्क राज्य के आवश्यकता वाले नगरीय निकायों में चरणबद्ध तरीके से सीवरेज व्यवस्था स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों और निकायों की समस्याओं का उचित समाधान किया जाएगा। शहरों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ नागरिकों को बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई
- अधिक यातायात प्रभावित नगरीय क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू की जाएगी।
- इसका उद्देश्य बाजारों और व्यस्त क्षेत्रों में दिन के समय यातायात एवं आमजन की आवाजाही प्रभावित किए बिना सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
बाजारों के विकास पर भी रहेगा फोकस
- नगरीय निकायों में ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां बाजारों के विकास की आवश्यकता है।
- इसके लिए नीतियां निर्धारित कर बाजार क्षेत्रों को विकसित किया जाएगा।
- इससे शहरों में व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ बाजारों का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर सुविधाओं का विकास
- शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नए मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी यूनिट्स विकसित की जाएंगी।
- इसका उद्देश्य लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहर का मिलेगा लाभ
- प्रधानमंत्री आवास योजना-शहर (PMAY-U) को जरूरत के अनुसार नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा।
- इसके माध्यम से एससी, एसटी, पात्र ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लोगों को आवासीय योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर रहेगा।
हाईराइज बिल्डिंग के निर्माण पर विचार
- शहरों के सुनियोजित और आधुनिक विकास के साथ वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हाईराइज बिल्डिंग के निर्माण पर भी विचार किया जाएगा।
- इन इमारतों में पेयजल, आधारभूत सुविधाओं और सभी जरूरी सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।
हेरिटेज स्थलों का संरक्षण और विकास
- नगरीय निकायों में मौजूद ऐतिहासिक हवेलियों और अन्य हेरिटेज स्थलों का संरक्षण किया जाएगा।
- इसके साथ ही पार्क, तालाब, धार्मिक स्थल, पर्यटन स्थल और मोक्षधाम आदि के समुचित विकास पर भी काम किया जाएगा।
- धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे,
- ताकि शहरों की पहचान और विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।
विशेष जरूरत वाले क्षेत्रों के लिए अलग कार्ययोजना
- नगरीय निकायों की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग विकास कार्य और गतिविधियां सुनिश्चित की जाएंगी।
- पर्वतीय क्षेत्रों, झीलों वाले क्षेत्रों और आदिवासी क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यवाही की जाएगी।
शहरों को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने पर जोर
- सीवरेज व्यवस्था, जलभराव की समस्या, सफाई, बाजार विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, आवास, हाईराइज बिल्डिंग और हेरिटेज संरक्षण जैसे क्षेत्रों
- पर फोकस के साथ राजस्थान के नगरीय निकायों के समग्र विकास की दिशा में काम किया जाएगा।
- इससे शहरों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
Edited by – Riddhima


