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राजस्थान के शहरों में विकास का नया मॉडल, वार्ड स्तर से ई-बस और प्रदूषण नियंत्रण तक फोकस

राजस्थान के नगरीय निकायों में वार्ड को विकास का आधार मानते हुए शहरों के चहुंमुखी विकास की योजना बनाई जाएगी। वार्ड स्तर पर स्थानीय जरूरतों और समस्याओं की पहचान कर विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे शहरों के प्रत्येक क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

पेयजल और बिजली आपूर्ति में होगा सुधार

  • प्रभावित नगरीय निकायों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
  • इसके साथ ही 24 घंटे घरेलू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
  • नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान रहेगा।

नए शामिल क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास

  • जिन नगर निकायों की सीमाओं का विस्तार हुआ है, उनमें शामिल नए क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से विकसित किया जाएगा।
  • इन क्षेत्रों में सीवरेज, जल निकासी, सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण और कचरा निस्तारण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • इसके साथ ही नई आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क विस्तार, रोड लाइट और बिजली
  • जैसी आवश्यक सुविधाओं को भी चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।

सभी नगर निगम क्षेत्रों में शुरू होगी ई-बस सेवा

  • शहरी सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नगर निगम क्षेत्रों में ई-बस सेवा शुरू की जाएगी।
  • ई-बसों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
  • ई-बस सेवा की योजना में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

ट्रैफिक व्यवस्था को किया जाएगा बेहतर

  • शहरों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक स्थानों पर ट्रैफिक लाइट लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
  • सड़क और चौराहों पर यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा, ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्मॉग टावर और एंटी-स्मॉग गन

  • प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी विशेष कदम उठाए जाएंगे। NCAP और NCR के अंतर्गत आने वाले शहरों
  • में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जरूरत के अनुसार स्मॉग टावर और एंटी-स्मॉग गन उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।
  • इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उद्योगों के संचालन से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

चुनिंदा शहरों में डिस्टर्ब एरिया एक्ट लागू करने की तैयारी

  • चुनिंदा शहरों में आवश्यकता के अनुसार डिस्टर्ब एरिया एक्ट लागू करने की कार्रवाई की जाएगी।
  • इसके लिए संबंधित क्षेत्रों की जरूरत और परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा।

वार्ड से शहर तक विकास पर जोर

  • वार्ड स्तर पर विकास को प्राथमिकता देने के साथ पेयजल, बिजली, सीवरेज, सफाई, कचरा प्रबंधन, सड़क, रोड लाइट
  • और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
  • साथ ही प्रदूषण नियंत्रण और बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के जरिए राजस्थान के शहरों को अधिक सुविधाजनक,
  • व्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।

https://rajasthan.gov.in/

https://mohua.gov.in/

Edited by – Krishika Agarwal

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