गाँव मंच डेस्क, जयपुर। राजस्थान विधानसभा अमृत उत्सव ने लोकतांत्रिक परंपराओं को नया सम्मान दिया। विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर विशेष समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर वर्तमान और पूर्व विधायक एक मंच पर पहुंचे। सदन का वातावरण भावनात्मक और ऐतिहासिक रहा। सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया। पूरे देश में इस आयोजन की चर्चा रही।
उपराष्ट्रपति ने बताया ऐतिहासिक प्रयास
- उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने इसे अनूठी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा अवसर बहुत दुर्लभ होता है।
- समारोह में राजनीतिक मतभेद दिखाई नहीं दिए। सभी दलों के विधायक साथ नजर आए।
- उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की सोच की प्रशंसा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।

लोकसभा अध्यक्ष ने की विशेष प्रशंसा
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यक्रम को विधायी महाकुंभ बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया।
- उन्होंने वासुदेव देवनानी की सकारात्मक सोच को सराहा। उनके अनुसार ऐसे आयोजन लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।
- उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा में यह पहला अवसर था। इस पहल ने सभी जनप्रतिनिधियों को एक मंच दिया।

410 जनप्रतिनिधियों ने बनाई नई मिसाल
- राजस्थान विधानसभा अमृत उत्सव में कुल 410 जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 237 पूर्व विधायक शामिल रहे। 163 वर्तमान विधायक भी समारोह में पहुंचे।
- इसके अलावा 10 अन्य पूर्व विधायक भी शामिल हुए। इनका पहले पंजीकरण नहीं हुआ था।
- सभी ने विधानसभा की गौरवशाली यात्रा को याद किया। भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।


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Edited by- Krishika Agarwal


