खरीफ सीजन में यूरिया को लेकर बढ़ी चिंता
- पंजाब में खरीफ सीजन के दौरान यूरिया की उपलब्धता को लेकर किसानों के बीच चिंता बढ़ी हुई है।
- कई जगह किसानों ने उर्वरक की कमी और वितरण में दिक्कतों को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए।
- हालांकि, पंजाब कृषि विभाग और केंद्र सरकार ने साफ किया है कि राज्य में यूरिया की कोई कमी नहीं है और किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
राज्य में यूरिया उपलब्ध है |
- पंजाब के कृषि निदेशक जी.एस. बराड़ ने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्य को लगभग 15 लाख टन यूरिया की आवश्यकता है।
- इस आवश्यकता के मुकाबले अब तक 10.86 लाख टन यूरिया पंजाब को उपलब्ध कराया जा चुका है।
- विभाग के अनुसार, मौजूदा सीजन में अब तक 6.56 लाख टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है।
- बिक्री के बाद भी राज्य में करीब 4.30 लाख टन यूरिया का स्टॉक मौजूद है।
- कृषि विभाग का कहना है कि उपलब्ध स्टॉक किसानों की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
केंद्र सरकार ने क्या कहा?
- केंद्र सरकार ने भी पंजाब में यूरिया की उपलब्धता को लेकर स्थिति सामान्य बताई है।
- केंद्र के मुताबिक, राज्य के लिए 39,167 टन अतिरिक्त यूरिया की खेप भी भेजी जा रही है।
- सरकार का दावा है कि किसानों को उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- इस बीच, केंद्र सरकार ने भी पंजाब में यूरिया की उपलब्धता को लेकर स्थिति सामान्य बताई है।
किसानों की शिकायतें हैं |
- किसान संगठनों का आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल रहा है।
- किसानों ने कुछ विक्रेताओं पर यूरिया के साथ अन्य कृषि उत्पाद खरीदने का दबाव बनाने के आरोप भी लगाए हैं।
- दूसरी ओर, किसान संगठनों का आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में किसानों को समय पर यूरिया नहीं मिल रहा है।
- किसानों का कहना है कि वितरण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
विभाग की अपील और चेतावनी
- विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही यूरिया खरीदें।
- अधिकारियों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने से कृत्रिम कमी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
- कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
- विभाग ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- इसके अलावा, विभाग ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- साथ ही, अधिकारियों ने जरूरत से ज्यादा खरीदारी से बचने की सलाह दी है।

यह जानकारी पंजाब कृषि विभाग के निदेशक जी.एस. बराड़ के बयान और केंद्र सरकार द्वारा जारी उर्वरक उपलब्धता संबंधी आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट hindustantimes.com� में प्रकाशित जानकारी से संकलित की गई है।
लेखिका-तनु रूंगटा


