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भारत की नई कृषि क्रांति: फसल से आगे, समृद्धि की ओर बढ़ता भारत

गांव मंच डेस्क, राजस्थान पिछले 12 वर्षों में भारतीय कृषि ने एक नई पहचान बनाई है। कभी खाद्यान्न की कमी से जूझने वाला भारत आज रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। कृषि क्षेत्र में तकनीक, अनुसंधान और बेहतर नीतियों का असर साफ दिखाई देता है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 1663.91 लाख टन तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 106 लाख टन अधिक है।

किसान केंद्र में, योजनाएं बनीं ताकत

  • केंद्र सरकार ने खेती को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा। किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत करोड़ों किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिली।
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों को सुरक्षा दी। वहीं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, नीम-कोटेड यूरिया और सूक्ष्म सिंचाई जैसी योजनाओं ने खेती की लागत घटाने में मदद की।
  • इन प्रयासों से किसानों को वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती अपनाने का अवसर मिला।

तकनीक और अनुसंधान से बढ़ी उत्पादकता

  • आज खेती में ड्रोन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक बीजों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और कृषि वैज्ञानिक नई किस्मों पर लगातार काम कर रहे हैं।
  • सरकार ने हाल के वर्षों में कई नई फसल किस्में जारी की हैं, जो कम पानी में अधिक उत्पादन देने और जलवायु परिवर्तन का सामना करने में सक्षम हैं।
  • कृषि मंत्रालय अब किसानों की जरूरतों के आधार पर शोध को आगे बढ़ा रहा है, ताकि प्रयोगशाला की तकनीक सीधे खेत तक पहुंच सके।

मोटे अनाज, प्राकृतिक खेती और निर्यात पर फोकस

  • भारत अब केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं है। मोटे अनाज यानी श्री अन्न, दलहन और तिलहन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
  • प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास भी तेज हुए हैं। इससे मिट्टी की सेहत सुधर रही है और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो रही है।
  • साथ ही, कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और निर्यात पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की “फूड बास्केट” बनाना है।

विकसित भारत की नींव बन रही कृषि

  • विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आर्थिक मजबूती में कृषि की भूमिका आगे और बढ़ेगी। पिछले एक दशक में कृषि उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। रिकॉर्ड उत्पादन, बेहतर तकनीक और किसान-केंद्रित नीतियां इस बदलाव की बड़ी वजह हैं।
  • कुल मिलाकर, भारत की कृषि यात्रा अब केवल “अधिक फसल” तक सीमित नहीं है।
  • यह “अधिक आय, बेहतर जीवन और ग्रामीण समृद्धि” की दिशा में आगे बढ़ रही है। यही बदलाव विकसित भारत के सपने को मजबूत आधार दे रहा है।

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Edited by- Krishika Agarwal

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