गांव मंच डेस्क, जयपुर।
- राजस्थान की जल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है।
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दिल्ली में आयोजित यमुना जल समझौते (Yamuna Water Agreement) के हस्ताक्षर समारोह में भाग लेंगे।
- करीब 30 वर्षों से लंबित इस महत्वपूर्ण विषय पर महज तीन वर्षों में निर्णायक प्रगति हुई है,
- जिससे प्रदेश के लाखों लोगों को भविष्य में पेयजल और सिंचाई के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
- यह समझौता केवल पानी के बंटवारे तक सीमित नहीं है, राजस्थान यमुना जल समझौता
- बल्कि राजस्थान के दीर्घकालिक जल प्रबंधन, किसानों के भविष्य और प्रदेश के सतत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
1994 के समझौते के बावजूद नहीं मिला था राजस्थान को लाभ
- वर्ष 1994 में यमुना नदी के जल बंटवारे को लेकर समझौता हुआ था,
- लेकिन विभिन्न कारणों से राजस्थान को उसका वास्तविक लाभ नहीं मिल सका।
- तीन दशकों तक यह मुद्दा लंबित रहा और प्रदेश को यमुना जल का इंतजार करना पड़ा।
- अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सक्रिय पहल, राजस्थान यमुना जल समझौता
- लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से इस लंबे समय से अटके मामले में ऐतिहासिक सहमति बनी है।

दिल्ली में यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर के साथ राजस्थान को 1917 क्यूसेक पानी मिलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम।
1917 क्यूसेक यमुना जल मिलेगा, पाइपलाइन से होगी आपूर्ति
- प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राजस्थान को 1917 क्यूसेक यमुना जल पाइपलाइन के माध्यम से उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
- पाइपलाइन आधारित जल आपूर्ति से जल की बर्बादी कम होगी और पानी का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस परियोजना से प्रदेश की बढ़ती आबादी, - विकास और कृषि क्षेत्र की भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।
किसानों और आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी राहत
- यमुना जल समझौते से राजस्थान के किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी।
- साथ ही प्रदेश के कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को भी मजबूती मिलेगी।
- विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भविष्य की जल चुनौतियों से निपटने
- की दिशा में राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिखाई सक्रिय पहल
- राजस्थान सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस विषय को प्राथमिकता देते हुए
- लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के साथ संवाद बनाए रखा। इसी का परिणाम है
- कि वर्षों से फाइलों में अटका यह मामला अब धरातल पर उतरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मिली नई गति
- राज्य सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सहयोग
- और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान की दशकों पुरानी मांग अब साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
- यह समझौता केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश की जल सुरक्षा,
- विकास और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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जल शक्ति मंत्रालय
राजस्थान जल संसाधन विभाग
Edited by – Riddhima


